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History of India
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मुगल काल का वह शासक कौन था जिसने संगीत और नृत्य पर प्रतिबंध लगा दिया था?

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औरंगजेब ने दरबार में संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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मुगल सम्राट के घरेलू विभाग और शाही कारखानों का प्रभारी अधिकारी कौन होता था? छठी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित 'सोलह महाजनपद' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें 'अश्मक' एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था। 2. मगध साम्राज्य के शुरुआती दौर में इसकी प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुरक्षित थी, और बाद में राजा उदयन ने अपनी राजधानी को पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया था। 3. हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार ने वैवाहिक संबंधों और विजय की नीति (जैसे अंग राज्य का विलय) द्वारा मगध की स्थिति को सुदृढ़ किया, जबकि उसके पुत्र अजातशत्रु ने वज्जि संघ (वैशाली) को पराजित करने के लिए अपने मंत्री वसकार की कूटनीतिक सहायता ली थी। 4. मगध के उत्कर्ष में उसकी भौगोलिक स्थिति की कोई विशेष भूमिका नहीं थी, बल्कि यह पूर्णतः नंद वंश के शासकों की व्यक्तिगत सैन्य महत्वाकांक्षा और उनके द्वारा अपनाई गई क्रूर प्रशासनिक नीतियों का परिणाम था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भक्ति और सूफी आंदोलनों के प्रमुख संतों, उनकेार्शिक एवं दार्शनिक विचारों तथा सिलसिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामानुज ने 'विशिष्टअद्वैतवाद' (Qualified Monism) के दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार जीव और जगत ब्रह्म (ईश्वर) से भिन्न भी हैं और अभिन्न भी, तथा मोक्ष का मार्ग ज्ञान से अधिक भक्ति और प्रपत्ति (शरणागति) पर आधारित है। 2. सूफी संत शेख मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा भारत में स्थापित 'चिश्ती सिलसिला' ने संगीत और समा (Audition) की परंपरा को अपनाया, और वे राज्य के अधिकारियों से आर्थिक सहायता या जागीर स्वीकार करने से परहेज करते थे तथा सादगी का जीवन जीते थे। 3. उत्तर भारत में रामानन्द ने भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाते हुए इसे जातियों और लिंग के बंधनों से मुक्त किया, तथा उनके बारह प्रमुख शिष्यों (जिन्हें 'आनंदभाष्य' के रचयिता के रूप में भी जाना जाता है) में कबीर, रैदास और सेना जैसे विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग शामिल थे। 4. मध्यकालीन सूफी सिलसिले में 'बेशर्अ' (Be-shara) वे संत थे जो इस्लामी शरीयत (कानून) के नियमों और परंपराओं का कठोरता से पालन करते थे, जबकि 'बाशर्अ' (Ba-shara) संत शरीयत के बंधनों से मुक्त होकर रहस्यवादी जीवन जीते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? चंपारण सत्याग्रह (1917) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों को अपनी भूमि के एक निश्चित हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य करने वाली कुख्यात 'तिनकाठिया' पद्धति प्रचलित थी। 2. महात्मा गांधी के अनुरोध पर राजकुमार शुक्ल ने उन्हें चंपारण आने के लिए आमंत्रित किया था, जहाँ गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद और महादेव देसाई जैसे नेता भी जुड़े थे। 3. सरकार द्वारा गठित 'चंपारण कृषि जाँच समिति' के दबाव में आकर अंततः तिनकाठिया प्रथा को समाप्त कर दिया गया और बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस लौटाया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मुगलकालीन केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुगल प्रशासन में 'मीर बख्शी' का पद मुख्य रूप से सैन्य विभाग का प्रमुख होने के साथ-साथ मनसबदारी प्रणाली के अंतर्गत सैनिकों के निरीक्षण, घोड़ों को दागने (दाग प्रथा) और सैनिकों की हुलिया पंजीयन का उत्तरदायित्व संभालता था, तथा वह 'सद्र-उस-सदूर' के बाद साम्राज्य का दूसरा सबसे शक्तिशाली मंत्री था। 2. 'खान-ए-समां' (या मीर-ए-सामन) मुगल साम्राज्य के शाही कारखानों, शाही घराने, रसोई और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता था, जो सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी था। 3. शाहजहां के शासनकाल में केंद्रीय राजस्व प्रशासन में 'दीवान-ए-तन' (वेतन विभाग के दीवान) नामक एक नए अधिकारी की शक्ति में वृद्धि हुई, जो जागीरदारों और मनसबदारों को उनके वेतन के एवज में जागीरें (तनख्वाह जागीर) आवंटित करने का कार्य करता था। 4. औरंगजेब के शासनकाल में धार्मिक मामलों, दान-पुण्य, शरिया कानूनों के अनुपालन और राज्य की ओर से विद्वानों व काजियों को दी जाने वाली सहायता (मदद-ए-माश या सयूरगल) के वितरण का सर्वोच्च अधिकारी 'सद्र-उस-सदूर' कहलाता था, जिसे 'मीर-अतिश' भी कहा जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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