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History of India
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चंपारण सत्याग्रह (1917) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. चंपारण में यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों को अपनी भूमि के एक निश्चित हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य करने वाली कुख्यात 'तिनकाठिया' पद्धति प्रचलित थी।
  2. 2. महात्मा गांधी के अनुरोध पर राजकुमार शुक्ल ने उन्हें चंपारण आने के लिए आमंत्रित किया था, जहाँ गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद और महादेव देसाई जैसे नेता भी जुड़े थे।
  3. 3. सरकार द्वारा गठित 'चंपारण कृषि जाँच समिति' के दबाव में आकर अंततः तिनकाठिया प्रथा को समाप्त कर दिया गया और बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस लौटाया गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

चंपारण सत्याग्रह भारत में महात्मा गांधी का पहला सफल सत्याग्रह था। यूरोपीय बागान मालिक किसानों से उनकी भूमि के 3/20वें हिस्से (तिनकाठिया पद्धति) पर नील की खेती करने के लिए दबाव बनाते थे। राजकुमार शुक्ल के आमंत्रण पर गांधीजी चंपारण गए थे। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप 'चंपारण कृषि जाँच समिति' की संस्तुति पर तिनकाठिया प्रथा को अवैध घोषित कर समाप्त कर दिया गया, किंतु बागान मालिकों द्वारा वसूले गए अवैध धन का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही वापस लौटाया गया था, न कि 50 प्रतिशत। इसलिए कथन 3 गलत है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी में घटित घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल सेना में पुरानी 'ब्राउन बेस' मस्कट बंदूक के स्थान पर दिसंबर 1856 में नई 'एनफील्ड' (Enfield) राइफल को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की बात ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के प्रत्यक्ष विरोध में अपने वरिष्ठ अंग्रेजी अधिकारियों—लेफ्टिनेंट बॉग (Lt. Baugh) और ह्यूसन (Lt. Hewson)—पर गोली चलाकर उन्हें घायल कर दिया था। 3. इस घटना के तुरंत बाद मंगल पांडे को बंदी बना लिया गया और कोर्ट-मार्शल के पश्चात 8 अप्रैल 1857 को उन्हें बैरकपुर में ही फांसी दे दी गई, जिसके परिणामस्वरूप इस छावनी की पूरी 34वीं रेजिमेंट को बाद में भंग कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकठिया' प्रणाली थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी भूमि के प्रत्येक बीघे के तीन-बीसवें हिस्से (3/20 भाग) पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी। 2. चंपारण सत्याग्रह के दौरान ही महात्मा गांधी ने पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का अस्त्र के रूप में प्रयोग किया था, जबकि अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) उनका पहला सविनय अवज्ञा प्रयोग था। 3. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान फसलें नष्ट हो जाने के बाद भी जब ब्रिटिश प्रशासन ने राजस्व वसूली माफ नहीं की, तो गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने का आह्वान किया, और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के मुख्य सहयोगियों के रूप में उभरे। 4. चंपारण जाँच समिति (Champaranya Agrarian Enquiry Committee) के एक सदस्य के रूप में महात्मा गांधी ने स्वयं बागान मालिकों द्वारा किसानों से अवैध रूप से वसूले गए धन का 50 प्रतिशत हिस्सा वापस दिलाने का सफल समझौता कराया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' तथा महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर भारत के राज्य सचिव (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया। 2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (जिसे 'मैग्नाकार्टा' भी कहा जाता है) के तहत यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के विलय की नीति (Doctrine of Lapse) को भविष्य में भी जारी रखेगी ताकि भारत में प्रशासनिक एकरूपता और आधुनिकीकरण को सुनिश्चित किया जा सके। 3. इस घोषणा में भारतीयों को आश्वासन दिया गया कि उनकी प्राचीन धार्मिक परंपराओं, सामाजिक रीति-रिवाजों और अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाएगा तथा नस्ल, वर्ण या जन्म के आधार पर किसी भी भारतीय को बिना किसी भेदभाव के उच्च सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मध्यकालीन भारत के सूफी और भक्ति आंदोलनों के वैचारिक विकास, प्रमुख संप्रदायों तथा उनके दार्शनिक दृष्टिकोण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत के अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने रूढ़िवादी ब्राह्मणवादी व्यवस्था और जातिगत कठोरता का पुरजोर विरोध करते हुए भक्ति मार्ग को तमिल लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया, जिसमें आंदाल और करैक्कालअम्मैयार जैसी महिला संतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी। 2. सूफी सिलसिले के 'चिशती' संप्रदाय ने भारत में संगीत और 'समअ' (रहस्यवादी संगीत सत्र) की परंपरा को पूरी तरह से स्वीकार किया और उसे ईश्वर-प्राप्ति का साधन माना, जबकि इसके विपरीत 'सुहरावर्दी' संप्रदाय ने राजकीय संरक्षण, शाही अनुदान और जागीरों को स्वीकार करने से कड़ाई से इनकार करते हुए एकांत और निर्धनता का जीवन बिताया। 3. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने वाले रामानंद ने कबीर, रैदास (संत रविदास) और सेना जैसे विभिन्न जातियों और निम्न पृष्ठभूमियों के व्यक्तियों को अपना शिष्य बनाया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भक्ति आंदोलन ने सामाजिक समानता और उदारता के द्वार खोल दिए थे। 4. अकबर के समकालीन और नक्शबंदी सिलसिले के प्रमुख संत शेख अहमद सरहिंदी (मुजद्दिद-अलिफ-सानी) ने अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की नीतियों (जैसे दीन-ए-इलाही और सुलह-कुल) का तीव्र विरोध करते हुए इस्लाम के शुद्धिकरण और रूढ़िवादी सिद्धांतों को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? कृष्णदेव राय ने संस्कृत में किस प्रसिद्ध नाटक की रचना की थी?
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