समावेशी शिक्षा
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए शिक्षण (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों तथा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए अपनाई जाने वाली अनुकूलित पाठ्यचर्या (Adapted Curriculum) का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक कक्षा में गंभीर रूप से दृश्य बाधित (Visually Impaired) और हल्के बौद्धिक विकास संबंधी अक्षमता वाले छात्र एक साथ अध्ययन कर रहे हैं, तो यूडीएल (UDL) के बहु-आयामी प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), अभिव्यक्ति (Expression), और सहभागिता (Engagement) के ढांचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी माना जाएगा?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किए गए शिक्षण (UDL) का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी प्रकार के शिक्षार्थियों को समान अवसर प्रदान करना है। इसके तहत पाठ्यचर्या के उद्देश्यों को समान रखते हुए उसकी शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में आवश्यक अनुकूलन (Accommodation) किया जाता है। स्पर्शनीय (Tactile) सामग्री और डिजिटल सहायक तकनीकों के प्रयोग से विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे मुख्यधारा की शिक्षा में सफलतापूर्वक भाग ले सकते हैं। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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