गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब कोहलर के प्रयोगों में चिम्पैंजी ने बाह्य उद्दीपकों और परिस्थितियों के प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर समस्या के संपूर्ण क्षेत्र का तात्कालिक और एकीकृत मानसिक पुनर्गठन किया, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया में थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत की तुलना में 'सूझ' (Insight) की कौन-सी मौलिक विशेषता इसे एक उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक अधिगम बनाती है?
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Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत के अनुसार, सूझ या अंतर्दृष्टि (Insight) द्वारा अधिगम अचानक और एक ही झटके में होता है, जो थार्नडाइक के क्रमिक 'प्रयत्न एवं भूल' (Trial and Error) सिद्धांत के बिल्कुल विपरीत है। इसमें प्राणी किसी समस्या के किसी एक हिस्से को नहीं, बल्कि उसके संपूर्ण क्षेत्र (Total Field) का प्रत्यक्षीकरण करके संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) करता है। इस सिद्धांत के मुख्य प्रतिपादक वोल्फगांग कोहलर थे। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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