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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, मरे (Henry Murray) के 'आवश्यकता सिद्धांत' (Theory of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्राप्ति की आवश्यकता या नीड फॉर अचीवमेंट' (Need for Achievement - nAch)**—जिसे उस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक अभिप्रेरणा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति किसी उच्च मानक को प्राप्त करने, कठिन कार्यों में उत्कृष्टता दिखाने, प्रतिस्पर्धा में सफल होने और अपनी योग्यताओं के चरम प्रदर्शन के माध्यम से आत्म-संतुष्टि प्राप्त करने के लिए आंतरिक रूप से तीव्र रूप से प्रेरित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार, अकादमिक दृढ़ता और उच्च-स्तरीय उपलब्धि प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हेनरी मरे (Henry Murray) के 'आवश्यकता सिद्धांत' के अनुसार, 'प्राप्ति की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch) एक ऐसी आंतरिक अभिप्रेरणा है जो व्यक्तियों को उत्कृष्टता प्राप्त करने, कठिन कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। जिन विद्यार्थियों में 'nAch' का स्तर उच्च होता है, वे न तो बहुत सरल कार्यों का चयन करते हैं (क्योंकि उनमें सफलता का कोई रोमांच नहीं होता) और न ही अत्यधिक असंभव कार्यों का (क्योंकि उनमें असफलता का जोखिम अधिक होता है), बल्कि वे 'मध्यम रूप से चुनौतीपूर्ण' (Moderately Challenging) लक्ष्यों का चयन करते हैं जहाँ उनके कौशल और प्रयास की वास्तविक परीक्षा होती है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह प्रवृत्ति विद्यार्थियों को उच्च उत्तरदायित्व लेने, अपनी पिछली गलतियों या विफलताओं से सकारात्मक रूप से सीखने और शैक्षणिक दृढ़ता विकसित करने के लिए प्रेरित करती है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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