BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
4 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) की दोनों अवस्थाओं—'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में नैतिक दुविधाओं (Moral Dilemmas) के समाधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत का तीसरा और अंतिम स्तर 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) है। इसमें दो अवस्थाएँ आती हैं—पाँचवीं अवस्था (सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार) और छठी अवस्था (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत)। छठी अवस्था में व्यक्ति सामाजिक कानूनों या समझौतों से परे जाकर अपने स्व-चयनित नैतिक सिद्धांतों, विवेक और न्याय की सार्वभौमिक अवधारणा के आधार पर कार्य करता है। विकल्प 'ब' इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे सटीक और वैज्ञानिक वर्णन करता है, जबकि अन्य विकल्प पूर्व-रूढ़िगत या रूढ़िगत स्तर की विशेषताओं का वर्णन करते हैं।
Share:

Related Questions

हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के बहुबुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अनुसार, चिकित्सा (Medicine), शल्य चिकित्सा (Surgery), और शारीरिक शिक्षा (Physical Education) के क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए किस प्रकार की बुद्धि की प्रधानता होना सबसे अधिक आवश्यक है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem-Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करते हुए किसी बिल्कुल नई, जटिल और अप्रत्याशित समस्या के समाधान के लिए आंतरिक चिंतन, तार्किक परिकल्पना निर्माण (Hypothesis Generation) और सत्यापन के माध्यम से नए उच्च-क्रम के नियमों या समाधानों की खोज करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन, उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण (Cognitive Processing) और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) के 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित सामान्य मानसिक योग्यता—'G-Factor' (सामान्य कारक) और विशिष्ट मानसिक क्षमता—'S-Factor' (विशिष्ट कारक) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के वैज्ञानिक प्रबंधन तथा विविध कौशलों के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेन्द्रण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु या स्थिति के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण / Centration) की अपनी पूर्व प्रवृत्ति से ऊपर उठकर उसके एकाधिक आयामों, जैसे कि लंबाई, चौड़ाई और आयतन को एक साथ देखने और तार्किक रूप से विचार करने में सक्षम हो जाता है (जो कि मुख्य रूप से 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' / Concrete Operational Stage की एक प्रमुख विशेषता है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण, और बहु-आयामी चिंतन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) अथवा 'अवलोकनात्मक अधिगम' (Observational Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy) की अवधारणा—जिसके तहत किसी विशिष्ट कार्य को सफलतापूर्वक निष्पादित करने की अपनी क्षमता के बारे में व्यक्ति का व्यक्तिगत विश्वास उसके प्रेरणा स्तर, प्रयास, और चुनौतियों के सामने टिके रहने की क्षमता को प्रत्यक्ष रूप से संचालित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, शैक्षणिक प्रेरणा, और लक्ष्य-प्राप्ति के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.