संज्ञानात्मक विकास
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डेविड कोल्ब (David Kolb) के 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मूर्त अनुभव से सक्रिय प्रयोग तक की प्रक्रिया' (Concrete Experience to Active Experimentation)**—जिसे उस चक्रीय अधिगम प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी पहले किसी नई परिस्थिति का प्रत्यक्ष या मूर्त अनुभव (Concrete Experience) करता है, फिर उसका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात उस अनुभव से अमूर्त अवधारणाओं और सामान्यीकरण का निर्माण (Abstract Conceptualization) करता है, और अंत में नए ज्ञान का वास्तविक परिस्थितियों में सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ, संक्रियात्मक चिंतन और समस्या-समाधान कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के दृष्टिकोण से डेविड कोल्ब का 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) बाल विकास और शिक्षण शास्त्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत है। कोल्ब के अनुसार, अधिगम एक ऐसी सतत प्रक्रिया है जिसमें ज्ञान की प्राप्ति अनुभवों के रूपांतरण (Transformation of Experience) के माध्यम से होती है। इस चक्र के चार मुख्य चरण हैं: 1. मूर्त अनुभव (Concrete Experience), 2. चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), 3. अमूर्त अवधारणा (Abstract Conceptualization), और 4. सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)। विकल्प (b) इस बात को वैज्ञानिक रूप से सबसे सटीक ढंग से स्पष्ट करता है कि जब छात्र इन चारों चरणों से गुजरते हैं, तो उनका अधिगम अधिक अर्थपूर्ण, तार्किक और व्यावहारिक बनता है। अन्य विकल्प गलत हैं क्योंकि वे रचनावादी दृष्टिकोण (Constructivism) के विपरीत निष्क्रिय अधिगम और रटने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हैं।
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों द्वारा विद्यालयों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने' और 'रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) से मुक्ति' दिलाने के वैचारिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च और अंतिम संज्ञानात्मक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक अपने पूर्व अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करते हुए किसी नई, जटिल और अप्रत्याशित समस्या का तार्किक, विश्लेषणात्मक और सृजनात्मक समाधान खोजने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS), बौद्धिक स्वतंत्रता और संज्ञानात्मक संगठन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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