MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence)**—जिसे उस उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक अनुभूतियों, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने और उनके आधार पर अपने जीवन व व्यवहार को निर्देशित व नियंत्रित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन (Self-regulation), आत्म-प्रतिबिंब (Self-reflection) और metacognitive विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति की वह क्षमता है जिसके द्वारा वह अपने स्वयं के भीतर झांकता है, अपनी भावनाओं, उद्देश्यों, भय, इच्छाओं और क्षमताओं को पहचानता है और उनके आधार पर अपने जीवन का सफल प्रबंधन करता है। कक्षा-कक्ष में इस बुद्धि से संपन्न विद्यार्थी अपने अधिगम लक्ष्यों का निर्धारण, आत्म-मूल्यांकन (Self-evaluation) और metacognitive रणनीतियों का प्रभावी उपयोग करने में दक्ष होते हैं।
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