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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बर्नर वेइनर (Bernard Weiner) के 'अधिगम के आरोपण सिद्धांत' (Attribution Theory of Motivation) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'नियंत्रण का locus' (Locus of Control)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक आयाम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपनी शैक्षणिक सफलताओं या असफलताओं के कारणों को आंतरिक कारकों (जैसे- अपनी स्वयं की योग्यता, प्रयास) या बाह्य कारकों (जैसे- परीक्षा की कठिनाई, भाग्य, शिक्षक का पक्षपात) के रूप में आरोपित या जिम्मेदार मानते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक अभिप्रेरण, आत्म-नियामक व्यवहार और जिम्मेदारी के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

बर्नर वेइनर के आरोपण सिद्धांत (Attribution Theory) के अनुसार, छात्र अपनी सफलता और असफलता के कारणों की व्याख्या कैसे करते हैं, यह उनके भावी व्यवहार, अभिप्रेरण और भावनाओं को अत्यधिक प्रभावित करता है। यदि विद्यार्थी अपनी सफलता या असफलता का श्रेय आंतरिक और नियंत्रणीय कारकों (विशेषकर 'प्रयास' या 'मेहनत') को देते हैं, तो वे भविष्य में अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं और उनमें उत्तरदायित्व की भावना तथा आत्म-प्रभावकारिता विकसित होती है। इसके विपरीत, बाह्य और अनियंत्रणीय कारकों (जैसे भाग्य या शिक्षक की कठोरता) पर आरोपण करने से सीखने की लाचारी (Learned Helplessness) उत्पन्न हो सकती है। अतः विकल्प (b) वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि से पूर्णतः सही है।
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