लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 months ago · Viewed 16 times
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या ढांचागत सहयोग' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी और गतिक शैक्षिक सहायता के रूप में परिभाषित किया जाता है जो एक अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के भीतर प्रदान की जाती है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य को स्वतंत्र रूप से करने में सक्षम होता जाता है, उस सहायता या ढांचे को धीरे-धीरे हटा लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवादात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक स्वायत्तता और समस्या-समाधान क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'मचान' (Scaffolding) वह अस्थायी और संवेदनशीलता से घटती-बढ़ती सहायता है जो शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) में कार्य करने के लिए दी जाती है। यह सहायता गतिक होती है—अर्थात जैसे-जैसे विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से कार्य करने में परिपक्व होता जाता है, शिक्षक या MKO द्वारा ढांचे (Scaffold) को धीरे-धीरे हटा लिया जाता है। यह प्रक्रिया छात्र में संज्ञानात्मक स्वायत्तता, आत्म-नियमन (Self-Regulation) और उच्च-स्तरीय मानसिक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देती है। अतः विकल्प (b) इस अवधारणा का सबसे प्रामाणिक और वैज्ञानिक स्पष्टीकरण है।
अगला प्रश्न →
लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत'…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक…
Related Questions
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रक्रिया के वास्तविक तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) और 'संकेत प्रणालियों' (Sign Systems) की क्या भूमिका होती है, और वे इसे किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत में 'सांस्कृतिक उपकरण' (Cultural Tools) और 'मध्यस्थता' (Mediation) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा अपने समुदाय की भाषा, लिखित प्रणालियों, प्रतीकों या कंप्यूटर जैसे तकनीकी उपकरणों के माध्यम से अपने उच्च मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions) को विकसित करता है, तो वाइगोत्स्की के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्पाटन या मचान' (Scaffolding) की संकल्पनाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के परस्पर संबंध और उनकी संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या ढांचागत सहयोग' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी, लचीली और संवेदनशील शैक्षणिक सहायता या मार्गदर्शन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी अधिक ज्ञاني अन्य (MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उस समय प्रदान की जाती है जब वह किसी नवीन या जटिल कार्य को अपनी स्वतंत्र क्षमता से थोड़ा ही ऊपर (समीपस्थ विकास क्षेत्र - ZPD के भीतर) सीख रहा होता है, तथा जैसे-जैसे शिक्षार्थी की स्वायत्तता और दक्षता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे वापस ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संकाय विकास, स्वनिर्देशित समस्या-समाधान और उच्चतर मानसिक कार्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी, सहायक और संवादात्मक मार्गदर्शन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) के भीतर प्रदान किया जाता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी वास्तविक क्षमता से अधिक उन्नत स्तर के कार्यों को सफलतापूर्वक निष्पादित कर सके और धीरे-धीरे जैसे-जैसे उसकी स्वतंत्रता बढ़ती है, उस सहायता को वापस (Fade out) ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करते हुए, जब एक अनुभवी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा बालक के संज्ञानात्मक विकास में सहायता प्रदान की जाती है, तब 'स्वायत्त नियमन' (Self-Regulation) और 'बाह्य भाषण' से 'आंतरिक भाषण' की यात्रा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत में 'सांस्कृतिक उपकरण' (Cultural Tools) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, बालकों के उच्च मानसिक कार्यों (Higher Mental Functions) के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.