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Indian Polity
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन की जाती है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया तथा उसके सेवा शर्तें उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान होती हैं, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना नहीं हटाया जा सकता है।
  2. 2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023' के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन आयोग के चयन के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता) और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।
  3. 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी जनसभा, जुलूस या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से चुनाव प्रचार करने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है।
  4. 4. निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2018 में शुरू की गई 'cVIGIL' ऐप का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों द्वारा आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन और चुनावी कदाचार की घटनाओं की लाइव डिजिटल तस्वीरें या वीडियो आधारित शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा प्रदान करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 324(5) के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की रीति और आधारों पर ही हटाया जा सकता है, किंतु अन्य निर्वाचन आयुक्तों को उनके पद से हटाने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश अनिवार्य होती है (राष्ट्रपति द्वारा अपनी इच्छा से नहीं)। इसके अलावा, 1991 के पूर्व अधिनियम में चयन समिति का कोई प्रावधान नहीं था, राष्ट्रपति सीधे नियुक्त करते थे। कथन 2, 3 और 4 पूरी तरह सत्य हैं। 2023 के नए अधिनियम के अनुसार चयन समिति में पीएम, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री होते हैं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 चुनाव प्रचार के 48 घंटे के मौन काल (Silence Period) से संबंधित है, और 'cVIGIL' ऐप आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्टिंग के लिए है। भारतीय संविधान के अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों के विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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