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Indian Polity
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भारतीय संविधान में 'प्रथम संशोधन' किस वर्ष हुआ था?

Detailed Explanation

भारतीय संविधान का पहला संशोधन 1951 में हुआ था, जिसमें नौवीं अनुसूची जोड़ी गई थी।
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5 से 11) और 'भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955' के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 9 यह स्पष्ट रूप से उपबंधित करता है कि यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाएगी, और इस संबंध में संसद को नागरिकता समाप्त करने के लिए कोई अलग से विधि बनाने की आवश्यकता नहीं होती। 2. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 'देशीयकरण' (Naturalization) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया हो। 3. संविधान का अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विधि बनाने की पूर्ण शक्ति प्रदान करता है, और इस शक्ति के अंतर्गत संसद को यह अधिकार प्राप्त है कि वह भूतक्ष्मी (Retrospective) प्रभाव से भी नागरिकता संबंधी कानून लागू कर सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? वित्त मंत्री किसके द्वारा नियुक्त? भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत वर्णित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के प्रावधानों, उनके ऐतिहासिक विकास तथा उनकी विधिक प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में अंतःस्थापित किया गया था, और समिति ने करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। 2. संविधान के अनुच्छेद 51क के तहत प्रदत्त मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, तथा इनकी प्रकृति न्यायोचित (Justiciable) नहीं है, जिसका तात्पर्य यह है कि यदि कोई नागरिक किसी मूल कर्तव्य का उल्लंघन करता है, तो उसे सीधे न्यायालय द्वारा दंडित नहीं किया जा सकता, जब तक कि इसके प्रवर्तन के लिए संसद द्वारा कोई विशिष्ट विधि न बनाई गई हो। 3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के बीच के अपने बच्चे या प्रतिपाल्य (ward) को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का दायित्व संबंधित माता-पिता या संरक्षक का होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल के सदनों की संरचना, धन विधेयकों (Money Bills) की प्रक्रिया तथा विधान परिषद की विधायी शक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 197 के अनुसार, यदि विधानसभा द्वारा कोई साधारण विधेयक पारित करके विधान परिषद को भेजा जाता है, और विधान परिषद उस विधेयक को अस्वीकार कर देती है या ऐसे संशोधनों के साथ लौटाती है जिनसे विधानसभा सहमत नहीं है, तो विधानसभा द्वारा उस विधेयक को दोबारा पारित किए जाने के पश्चात विधान परिषद उसे अधिकतम चार महीने तक और रोक सकती है (प्रथम बार तीन माह और पुनः पारित होने पर एक माह), तथा दोनों सदनों के बीच गतिरोध को समाप्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 197 में संयुक्त बैठक (Joint Sitting) का प्रावधान किया गया है। 2. संविधान के अनुच्छेद 198 के तहत धन विधेयक (Money Bill) केवल विधानसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, विधान परिषद में नहीं; और यदि विधानसभा किसी धन विधेयक को पारित करके विधान परिषद को विचार के लिए भेजती है, तो विधान परिषद को उस विधेयक को अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के चौदह दिन के भीतर विधानसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है, अन्यथा उस अवधि की समाप्ति के पश्चात वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था। 3. अनुच्छेद 169 के अंतर्गत किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए संसद विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित करे, और इस प्रकार की संसदीय विधि को अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए संविधान का संशोधन नहीं माना जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत नगरपालिकाओं के गठन, संरचना और वार्ड समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में हर शहरी क्षेत्र के लिए (क) छोटे नगरीय क्षेत्र के लिए नगर परिषद, और (घ) बड़े नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम का गठन किया जाएगा, किंतु यदि किसी ऐसे शहरी क्षेत्र में या उसके किसी भाग में औद्योगिक स्थापनाएँ विद्यमान हैं, जिन्हें नगरपालिका सेवाएँ प्रदान करने या स्थापित करने के लिए उपयुक्त समझा जाए, तो राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा ऐसे क्षेत्र को औद्योगिक नगरी (Industrial Township) के रूप में विनिर्दिष्ट कर सकेगा और वहाँ नगरपालिकाओं का गठन करना अनिवार्य नहीं होगा। 2. अनुच्छेद 243-S के प्रावधानों के तहत तीन लाख या उससे अधिक की जनसंख्या वाले प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र के भीतर एक या एक से अधिक वार्डों को मिलाकर एक या अधिक 'वार्ड समितियों' (Ward Committees) का गठन किया जाएगा, जिनकी संरचना और गठन से संबंधित नियम बनाने की शक्ति राज्य के राज्यपाल के पास अनन्य रूप से निहित है। 3. 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में नौवीं अनुसूची (Ninth Schedule) जोड़ी गई है, जिसके अंतर्गत बारहवीं अनुसूची में उल्लिखित 18 विषयों को नगरपालिकाओं की विधाई शक्तियों के अंतर्गत हस्तांतरित करने का स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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