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History of India
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मुगल काल में "बंजारा" थे:
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बंजारे माल ढोने वाले घुमंतू व्यापारी थे।
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भक्ति आंदोलन और सूफी सिलसिले के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण भारत के अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों ने प्रारंभिक भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाया, और इन्होंने अपनी रचनाओं में जाति व्यवस्था की कठोरता का समर्थन करते हुए केवल उच्च वर्ण के लोगों को ही भक्ति का अधिकार दिया।
2. सूफी संत शेख मुइनुद्दीन चिश्ती ने भारत में चिश्ती सिलसिले की नींव रखी और अजमेर को अपना मुख्य केंद्र बनाया, जहाँ उनकी दरगाह पर सल्तनत काल से लेकर आज तक सभी वर्गों के लोग श्रद्धासुमित अर्पित करते आए हैं।
3. उत्तर भारत में रामभक्ति शाखा के प्रमुख कवि तुलसीदास ने 'रामचरितमानस' की रचना अवधी भाषा में की, जो तत्कालीन समाज में लोक-कल्याण और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों को स्थापित करने का माध्यम बनी।
4. सूफी संतों की जीवनशैली 'वह्दत-उल-वुजूद' (अस्तित्व की एकता) के दार्शनिक सिद्धांत से प्रभावित थी, जिसका अर्थ है कि सृष्टिकर्ता और उसकी रचना में कोई भेद नहीं है तथा सभी आत्माएं परमात्मा का ही अंश हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली में हुए घटनाक्रमों और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के विद्रोही सैनिकों द्वारा 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के पश्चात अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को औपचारिक रूप से भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंद) घोषित किया गया, जबकि विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य कमान जनरल बख्त खान के नेतृत्व में बनी 'न्याय अदालत' के पास थी।
2. ब्रिटिश सेना द्वारा सितंबर 1857 में दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के बाद, ब्रिटिश अधिकारी मेजर हडसन ने सम्राट के पुत्रों और पोते को हुमायूं के मकबरे के पास गोली मार कर हत्या कर दी थी, तथा बहादुर शाह जफर पर मुकदमा चलाकर उन्हें रंगून निर्वासित कर दिया गया था।
3. दिल्ली में विद्रोह के दौरान सम्राट बहादुर शाह जफर ने सक्रिय रूप से युद्ध रणनीतियों का संचालन किया और संपूर्ण देश के राजाओं व नवाबों को अंग्रेजों के विरुद्ध एक संयुक्त इस्लामिक मोर्चे के गठन हेतु सीधे आदेश जारी किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान और उसके उपरांत हुए राजनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया, किंतु भारत के अन्य राजनीतिक दलों जैसे मुस्लिम लीग, हिंदू महासभा, और दलित वर्ग के प्रतिनिधियों (बी. आर. अंबेडकर और तेज बहादुर सप्रू सहित) ने भाग लिया था।
2. मार्च 1931 में संपन्न गांधी-इरविन समझौते के तहत सरकार द्वारा राजनीतिक कैदियों (हिंसा में लिप्त कैदियों को छोड़कर) को रिहा करने तथा समुद्र तट के पास बिना कर के नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की गई थी, किंतु कांग्रेस द्वारा सविनय अवज्ञा आंदोलन को पूर्ण रूप से स्थगित करने की घोषणा नहीं की गई थी।
3. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया, किंतु सम्मेलन के दौरान सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के विवाद के कारण यह सम्मेलन बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हो गया।
4. सांप्रदायिक पंचाट (Communal Award) और पूना पैक्ट (1932) के उपरांत कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को औपचारिक रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया और वर्ष 1934 में संगठन को पूरी तरह भंग कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में 'समांतर सरकारों' (Parallel Governments) की स्थापना हुई, जिनमें बलिया में चित्तू पांडे के नेतृत्व में, तामलुक में 'जातीय सरकार' और सतारा में 'प्रति सरकार' (वाई बी चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकारें थीं।
2. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में कलकत्ता से ब्रिटिश नजरबंदी से चुपचाप निकलकर जर्मनी पहुँचे और वहाँ उन्होंने बर्लिन रेडियो से भारतीय स्वतंत्रता के पक्ष में प्रसारण किया तथा वहीं जर्मन सैन्य सहायता से 'इंडियन लीजन' (फ्री इंडिया सेंटर) की स्थापना की।
3. सिंगापुर के पतन के पश्चात रास बिहारी बोस ने जापान के सहयोग से 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' का गठन किया, किंतु मोहन सिंह के साथ जापानी सैन्य अधिकारियों के मतभेदों के कारण आईएनए का पहला चरण असफल हो गया, जिसे बाद में पुनर्जीवित करने के लिए सुभाष चंद्र बोस को वर्ष 1943 में सिंगापुर आमंत्रित किया गया था।
4. आजाद हिंद फौज की 'रानी झांसी रेजिमेंट' की कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल के हाथों में थी, और यह पूरी तरह से महिलाओं की एक समर्पित युद्धक रेजिमेंट थी, जिसने ब्रिटिश सेना के खिलाफ बर्मा और इम्फाल मोर्चे पर सक्रिय सैन्य कार्रवाई में भाग लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, आर्थिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में पहली बार शुद्ध अरबी के सिक्के—चांदी का 'टका' और तांबे का 'जीतल'—प्रचलित किए, तथा प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए 'तुर्कान-ए-चहलगानी' (चालीस गुलाम सरदारों का दल) का गठन किया।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने साम्राज्य की आर्थिक स्थिति पर नियंत्रण रखने और बड़ी स्थायी सेना के रखरखाव के लिए बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की, जिसके तहत 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई तथा नगद वेतन के स्थान पर भूमि अनुदान (इकता) प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया।
3. फिरोजशाह तुगलक ने किसानों के आर्थिक कल्याण के लिए कृषि विभाग 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना की और सिंचाई की सुविधा के लिए अनेक नहरों का निर्माण कराया, साथ ही शरियत के विरुद्ध वसूले जाने वाले 24 प्रकार के कष्टदायक करों को समाप्त कर केवल चार प्रकार के वैध कर—खराज, जकात, जिजिया और खुम्स—ही रखे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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