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Indian Polity
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भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा यह व्यवस्था की गई थी कि राष्ट्रपति द्वारा जारी राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को देश के एक विशिष्ट भाग तक सीमित किया जा सकता है, जबकि मूल संविधान में यह प्रावधान था कि आपातकाल संपूर्ण देश पर ही लागू होगा।
  2. 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के लिए मंत्रिमंडल (Cabinet) का लिखित निर्णय आवश्यक होगा, और प्रधानमंत्री अकेले मौखिक रूप से राष्ट्रपति को इसकी सिफारिश नहीं कर सकते हैं।
  3. 3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का स्वतः निलंबन केवल तभी होता है जब आपातकाल की घोषणा 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर की गई हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि मूल संविधान में यह प्रावधान था कि राष्ट्रीय आपातकाल संपूर्ण देश में या उसके किसी भाग में लागू किया जा सकता है। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल को संपूर्ण देश या उसके किसी भाग (क्षेत्रीय आपातकाल) तक सीमित किया जा सकता है। कथन 2 सत्य है; 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह जोड़ा गया कि राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तभी कर सकता है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) इसके लिए लिखित रूप से अपनी संस्तुति दे। कथन 3 सत्य है; 44वें संशोधन द्वारा ही यह व्यवस्था की गई कि अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 के अधिकारों का स्वतः निलंबन केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर घोषित आपातकाल में ही होगा, सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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