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Indian Polity
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के चरणों में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चार्टर अधिनियम, 1793 के द्वारा कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को अगले 20 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया तथा यह प्रावधान किया गया कि बंगाल के गवर्नर-जनरल को अपनी परिषद के निर्णयों को अस्वीकार करने का विशेष अधिकार (Overriding power) दे दिया गया, जिसका विस्तार भविष्य के सभी गवर्नर-जनरलों और गवर्नरों के लिए भी कर दिया गया।
- 2. चार्टर अधिनियम, 1813 के माध्यम से भारत में कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया, जिसके तहत चाय का व्यापार और चीन के साथ व्यापार पर भी कंपनी का एकाधिकार समाप्त हो गया और ब्रिटिश नागरिकों के लिए भारत के द्वार सभी वस्तुओं के व्यापार हेतु खोल दिए गए।
- 3. चार्टर अधिनियम, 1833 ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया, और इस अधिनियम के तहत लॉर्ड विलियम बेंटिक देश के पहले 'भारत के गवर्नर-जनरल' बने, जिन्हें देश भर के लिए विधायी अधिकार प्रदान किए गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि चार्टर अधिनियम, 1793 द्वारा गवर्नर-जनरल को अपनी परिषद के निर्णयों के विरुद्ध जाकर कार्य करने का अधिकार (Overriding power) दिया गया तथा यह अधिकार बाद के गवर्नरों और गवर्नरों-जनरलों को भी प्रदान किया गया। कथन 2 गलत है क्योंकि चार्टर अधिनियम, 1813 द्वारा कंपनी का भारत के साथ व्यापारिक एकाधिकार समाप्त कर दिया गया था, किंतु 'चाय के व्यापार' और 'चीन के साथ व्यापार' पर कंपनी का एकाधिकार अगले 20 वर्षों के लिए बना रहा था (जिसे 1833 के चार्टर द्वारा पूर्णतः समाप्त किया गया)। कथन 3 सही है क्योंकि चार्टर अधिनियम, 1833 द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' नामित किया गया और लॉर्ड विलियम बेंटिक इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम व्यक्ति थे। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ सकते हैं।
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राज्यसभा में राज्यों को प्रतिनिधित्व किस आधार पर मिलता है?
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX जोड़ा गया है जिसका शीर्षक 'पंचायते' है, और इसके अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व निर्धारित किए गए हैं जिसके तहत उन्हें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
2. अधिनियम के अनुसार प्रत्येक राज्य में पंचायतों के सभी स्तरों पर सीटों का आरक्षण अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में अनिवार्य रूप से किया जाता है, तथा महिलाओं के लिए सभी स्तरों पर कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33%) भाग आरक्षित होना अनिवार्य है, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें SCs और STs के लिए आरक्षित सीटों के भीतर भी उप-आरक्षित हो सकती हैं।
3. पंचायतों के कार्यकाल के संदर्भ में यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक पंचायत का कार्यकाल अपनी पहली बैठक के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष का होता है, और यदि किसी पंचायत को समय से पूर्व विघटित कर दिया जाता है, तो विघटन की तिथि से छह महीने की अवधि के भीतर चुनाव कराया जाना अनिवार्य है, किंतु यदि बची हुई अवधि छह महीने से कम है, तो नई पंचायत का गठन करना आवश्यक नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के कार्यों, क्षेत्राधिकार और वार्षिक प्रतिवेदन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 320 के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग से सिविल सेवाओं और पदों पर भर्ती के लिए अपनाई जाने वाली पद्धतियों पर परामर्श किया जाना अनिवार्य है, किंतु यदि सरकार किसी मामले में आयोग से परामर्श नहीं करती है, तो इस आधार पर प्रशासनिक निर्णय किसी भी न्यायालय द्वारा अवैध या शून्य घोषित नहीं किया जा सकता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 321 के अनुसार संसद या राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग के कृत्यों के दायरे को विस्तारित कर सकता है, जिसके अंतर्गत किसी लोक प्राधिकारी, कॉर्पोरेट निकाय या सार्वजनिक संस्था की भर्ती से संबंधित कार्य भी आयोग को सौंपे जा सकते हैं।
3. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अपना वार्षिक प्रतिवेदन संबंधित राज्यों के राज्यपालों को प्रेषित करता है, जो इसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) अपनी वार्षिक रिपोर्ट भारत के राष्ट्रपति को सौंपता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों, अनुसूचियों, भागों, राजनैतिक दलों और राजभाषा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया, तथा वर्तमान में इसमें कुल 22 भाषाएँ शामिल हैं, किंतु 'अंग्रेजी' भाषा इस अनुसूची में शामिल नहीं है।
2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, और किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और साथ ही कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में चार सांसद निर्वाचित करे।
3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह उपबंध किया गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ केवल अंग्रेजी भाषा में ही होगा, जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में नया भाग IX जोड़ा गया, जिसका शीर्षक 'पंचायते' है और इसमें अनुच्छेद 243 से 243-O तक के प्रावधान शामिल हैं, जिसके तहत ग्रामीण स्तर पर त्रि-स्तरीय (Three-Tier) पंचायती राज व्यवस्था की अनिवार्य स्थापना का उपबंध किया गया है।
2. इस अधिनियम के अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके लिए ग्यारहवीं अनुसूची में कुल 29 कार्यात्मक विषयों (Functional Items) की सूची दी गई है।
3. इस संविधान संशोधन के अनुसार, प्रत्येक राज्य में पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पांच वर्ष की समाप्ति पर एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) के गठन का संवैधानिक प्रावधान किया गया है, जिसकी सिफारिशें संबंधित राज्य के राज्यपाल पर पूर्ण रूप से बाध्यकारी होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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