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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा की निर्माण प्रक्रिया, विभिन्न समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा की कुल बैठकों में से अधिकांश महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से संघ शक्ति समिति, संघीय संविधान समिति और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष क्रमशः पंडित जवाहरलाल नेहरू, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
  2. 2. प्रारूप समिति (Drafting Committee), जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था, में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य थे, और इस समिति का मुख्य कार्य संविधान के प्रारूप पर विचार करना था, किंतु इसके द्वारा तैयार किए गए पहले प्रारूप पर आम जनता, प्रेस और प्रांतीय विधानसभाओं से कोई सुझाव या टिप्पणियाँ आमंत्रित नहीं की गई थीं।
  3. 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के दौरान कुल तीन वाचन (Readings) हुए थे, और अंततः 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया, जिसमें उस समय सभा के उपस्थित कुल 284 सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर किए थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पंडित जवाहरलाल नेहरू संघ शक्ति समिति और संघीय संविधान समिति दोनों के अध्यक्ष थे, जबकि सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष थे। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रारूप समिति द्वारा फरवरी 1948 में संविधान का पहला प्रारूप प्रकाशित किया गया था, और भारत के नागरिकों, प्रेस, प्रांतीय विधानसभाओं आदि को इस पर अपनी टिप्पणियाँ, सुझाव और आलोचनाएँ भेजने के लिए आठ महीने का समय दिया गया था, जिसके बाद अक्टूबर 1948 में दूसरा प्रारूप प्रकाशित किया गया। कथन 3 सही है; संविधान सभा में कुल तीन वाचन हुए और 26 नवंबर 1949 को जब संविधान अपनाया गया, तब उस समय सभा में 284 सदस्य उपस्थित थे जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था को पढ़ें।
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