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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्य सभा द्वारा ऐसा प्रस्ताव पारित किया जाना अनिवार्य है जिससे राज्य सभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित किया गया हो और जिस पर लोक सभा की सहमति आवश्यक रूप से प्राप्त हो, किंतु इसके लिए लोक सभा में साधारण बहुमत का होना ही पर्याप्त है।
  2. 2. अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से केवल लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है, न कि संपूर्ण संसद के प्रति।
  3. 3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के आकार के संबंध में 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोक सभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, किंतु यह नियम राज्य स्तर पर विधान सभाओं के संदर्भ में लागू नहीं होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए राज्य सभा द्वारा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत (Effective Majority) से पारित प्रस्ताव को लोक सभा द्वारा केवल 'सहमत' (Agree) होना आवश्यक होता है, न कि लोक सभा में उस पर अलग से कोई विशिष्ट बहुमत अनिवार्य हो, बल्कि लोक सभा की साधारण बहुमत से सहमति ही पर्याप्त होती है, किंतु प्रस्ताव की शुरुआत केवल राज्य सभा से ही हो सकती है। कथन 2 सत्य है; अनुच्छेद 75(3) स्पष्ट रूप से यह उपबंध करता है कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा के प्रति उत्तरदायी होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 75(1A) और अनुच्छेद 164(1A) के तहत यह 15 प्रतिशत की अधिकतम सीमा केंद्र के साथ-साथ राज्यों की विधानसभाओं (मुख्यमंत्री सहित) पर भी समान रूप से लागू होती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
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