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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण के क्रम में विभिन्न समितियों, उनके अध्यक्षों तथा संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण और उससे संबंधित विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कुल 8 प्रमुख (बड़ी) समितियाँ और कई छोटी समितियों का गठन किया गया था, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति और संघ संविधान समिति दोनों के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
- 2. डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित 7 सदस्यीय 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) का मुख्य कार्य संविधान सभा द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक प्रारूप पर विचार करना था, और इस समिति ने अपना प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया था जिस पर देशवासियों और विशेषज्ञों को आलोचना व सुझाव देने के लिए 8 महीने का समय दिया गया था।
- 3. संविधान सभा के कुल सत्रों की संख्या 11 थी, तथा संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, जिसके दौरान लगभग 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया गया था और इस पर कुल लगभग 64 लाख रुपये का खर्च आया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, किंतु 'संघ संविधान समिति' (Union Constitution Committee) के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे (संघ शक्ति समिति और संघ संविधान समिति दोनों के अध्यक्ष नेहरू जी थे)। कथन 2 सत्य है; प्रारूप समिति में डॉ. अंबेडकर सहित कुल 7 सदस्य थे और इसका प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित हुआ था, जिस पर जनता और विशेषज्ञों से सुझाव मांगने के लिए 8 महीने का समय दिया गया था। कथन 3 पूरी तरह सत्य है; संविधान के निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिन का समय लगा, 11 सत्र आयोजित हुए, लगभग 60 देशों के संविधानों का अध्ययन किया गया तथा लगभग 64 लाख रुपये का व्यय हुआ। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 74(1) के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा, और राष्ट्रपति अपने कृत्यों का प्रयोग करने में ऐसी सलाह के अनुसार कार्य करेगा, किंतु 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से ऐसी सलाह पर 'पुनर्विचार' करने की अपेक्षा कर सकता है और राष्ट्रपति पुनर्विचार के पश्चात दी गई ऐसी सलाह के अनुसार ही कार्य करने के लिए विवश होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा इसके लिए यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य है कि नियुक्त होने वाला व्यक्ति शपथ ग्रहण के समय संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का अनिवार्य रूप से सदस्य हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा, जो पदेन राज्यसभा का सभापति होता है, और उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति के दौरान या जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा हो, उस अवधि में वह राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करेगा और उसे राज्यसभा के सभापति को मिलने वाले वेतन या भत्ते प्राप्त करने का अधिकार नहीं होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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कैग (CAG) किसके द्वारा नियुक्त?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में 'भाग IX-A' (नगरपालिकाएँ) जोड़ा गया तथा संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें शहरी स्थानीय सरकारों के प्रशासनिक नियंत्रण और विकास योजना से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषयों को सूचीबद्ध किया गया है।
2. अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) के गठन का प्रावधान है, जिसके सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य उस महानगर क्षेत्र के भीतर की नगरपालिकाओं और पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों में से ही चुने जाने चाहिए, जो उस क्षेत्र की कुल जनसंख्या के अनुपात में होते हैं।
3. इस संशोधन के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक नगरपालिका में कुल भरी जाने वाली सीटों (प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा) का कम से कम एक-तिहाई भाग महिलाओं के लिए आरक्षित होगा, तथा जिला योजना समिति (District Planning Committee) के अध्यक्ष का चुनाव राज्य के राज्यपाल द्वारा सीधे नामित किसी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा किया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में 'भाग IX-A' जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243-ZD के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee) के गठन का प्रावधान किया गया है, जो जिले के लिए विकास योजनाएं तैयार करने का कार्य करती है।
2. महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee - अनुच्छेद 243-ZE) के सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्य उस महानगर क्षेत्र के भीतर की नगरपालिकाओं और पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों में से ही होने चाहिए, और इन सदस्यों का अनुपात उस क्षेत्र में नगरपालिकाओं और पंचायतों की जनसंख्या के अनुपात के अनुरूप होना चाहिए।
3. इस संशोधन के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक नगरपालिका का कार्यकाल उसके पहली बैठक के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष का होगा, और यदि किसी नगरपालिका का विघटन समय से पूर्व हो जाता है, तो विघटन की तारीख से छह महीने की अवधि के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की विधायी शक्तियों, विशेषकर 'अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति' (अनुच्छेद 123) तथा 'वीटो शक्तियों' (अनुच्छेद 111) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति को संसद के विश्रान्ति काल (Recess) में अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, और राष्ट्रपति की यह अध्यादेश निर्माण शक्ति संसद की विधि निर्माण शक्ति के समतुल्य होती है, किंतु राष्ट्रपति इस शक्ति का प्रयोग केवल तभी कर सकता है जब संसद के दोनों सदन सत्र में न हों और राष्ट्रपति का यह समाधान हो गया हो कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है।
2. राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित प्रत्येक अध्यादेश का प्रभाव और बल वही होता है जो संसद द्वारा अधिनियमित किसी अधिनियम का होता है, किंतु यह अनिवार्य है कि ऐसे अध्यादेश को संसद के पुनः समवेत होने पर दोनों सदनों के समक्ष रखा जाए, और यदि संसद पुनः बैठक के प्रारंभ से छह सप्ताह की अवधि के भीतर इसे अस्वीकृत करने वाला संकल्प पारित कर देती है, या छह सप्ताह की अवधि समाप्त होने से पूर्व ही दोनों सदन इसे अननुमोदित कर देते हैं, तो अध्यादेश स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है।
3. अनुच्छेद 111 के अधीन जब कोई विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के पश्चात राष्ट्रपति के समक्ष अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाता है, तो राष्ट्रपति को यह संवैधानिक शक्ति प्राप्त है कि वह विधेयक पर अपनी अनुमति रोक सकता है (अत्यंतिक वीटो), उसे पुनर्विचार के लिए वापस लौटा सकता है (निलंबनकारी वीटो), या पॉकेट वीटो का प्रयोग कर सकता है, किंतु संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित है कि राष्ट्रपति धन विधेयक (Money Bill) पर न तो अत्यंतिक वीटो का प्रयोग कर सकता है और न ही उसे पुनर्विचार के लिए संसद को वापस लौटा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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