BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
8 views

बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के मध्य पाए जाने वाले तात्विक, संरचनात्मक और प्रक्रियात्मक अंतरों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों की प्रकृति और उनके सिद्धांतों को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

बाल विकास के अध्ययन में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) दो अत्यंत महत्वपूर्ण संकल्पनाएँ हैं। अभिवृद्धि मुख्य रूप से शारीरिक आकार, भार और ऊँचाई में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तनों को दर्शाती है जो एक निश्चित आयु के बाद रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' एक व्यापक और सार्वभौमिक प्रक्रिया है जो मात्रात्मक और गुणात्मक दोनों परिवर्तनों को समाहित करती है और गर्भधारण से लेकर मृत्यु पर्यंत ('वर्म टू टॉम') निरंतर चलती रहती है। विकास के अंतर्गत शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक पक्षों के साथ-साथ परिपक्वता (Maturation) और सीखना (Learning) दोनों की अंतर्क्रिया शामिल होती है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मानव विकास की प्रक्रिया क्रमिक और एकीकृत होती है।
Share:

Related Questions

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के प्रणेता जॉन डीवी के शैक्षिक दर्शन तथा बाल-केंद्रित शिक्षा (Child-Centric Education) के मूलभूत सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय वातावरण और अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है? अधिगम के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) का प्रयोग सबसे पहले किस पर किया गया था? गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) के 'शीलगुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के अंतर्गत, शीलगुणों को तीन श्रेणियों— cardinal (प्रमुख), central (केंद्रीय), और secondary (गौण)—में वर्गीकृत किया गया है। यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में ईमानदारी, परोपकार और सत्यनिष्ठा को ही अपने आचरण का केंद्रीय और मार्गदर्शक आधार बनाता है, तथा उसका यह विशिष्ट व्यवहार उसके संपूर्ण व्यक्तित्व की पहचान बन जाता है, तो ऑलपोर्ट के वर्गीकरण के अनुसार इस प्रकार के शीलगुण को निम्नलिखित में से किस श्रेणी के अंतर्गत रखा जाएगा? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के अंतिम चरण (लगभग 18 से 24 महीने की आयु) में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) की पूर्ण प्राप्ति के साथ-साथ बालकों में किस अन्य महत्वपूर्ण मानसिक योग्यता का विकास होता है, जिसके माध्यम से वे किसी वस्तु या घटना की अनुपस्थिति में भी उसके मानसिक प्रतीकों या आंतरिक छवियों का उपयोग करके समस्याओं का समाधान खोजना शुरू कर देते हैं? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की प्रमुख संज्ञानात्मक योग्यताओं—जैसे 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'वर्गीकरण' (Classification)—तथा उनके पूर्ववर्ती चरण 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के 'अहमकेंद्रवाद' (Egocentrism) और 'केंद्रीयकरण' (Centration) के मध्य तात्विक और विकासात्मक संक्रमण का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.