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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संदर्भात्मक और दार्शनिक दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण करने पर, इन दोनों महत्वपूर्ण दस्तावेजों के उद्देश्यों, बाल-केंद्रीकृत शिक्षा प्रणाली और समावेशी प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने, रटन पद्धति का विरोध करने और रचनावादी दृष्टिकोण अपनाने पर बल देती है। वहीं, 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act 2009) संविधान के अनुच्छेद 21-A के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान करता है, जिसमें शारीरिक दंड पर पूर्ण प्रतिबंध और व्यापक मूल्यांकन की बात कही गई है।
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'विकास के वैयक्तिक अंतर का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) और 'विकास की सततता का सिद्धांत' (Principle of Continuity) के परस्पर अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलक अवस्था' (Phallic Stage, लगभग 3 से 6 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की सबसे प्रमुख जटिलताओं—'ओडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex)—तथा रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत बाल-केंद्रित शिक्षा, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति और मूल्यांकन की सतत प्रणालियों के तात्विक और वैधानिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित शैक्षणिक दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है? सिग्मंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) में व्यक्तित्व की संरचना को समझाने के लिए 'इड' (Id), 'इगो' (Ego), और 'सुपरइगो' (Superego) की संकल्पना दी गई है। इनमें से 'इगो' (Ego) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और मनोवैज्ञानिक रूप से मान्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में प्रवेश करने वाले किशोरों में विकसित होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thought) की क्षमताओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की तात्विक एवं संज्ञानात्मक विशेषताओं को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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