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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत बाल-केंद्रित शिक्षा, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति और मूल्यांकन की सतत प्रणालियों के तात्विक और वैधानिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित शैक्षणिक दर्शन को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के प्रबल समर्थक हैं। NCF 2005 के अनुसार शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ना और रटने की प्रवृत्ति का अंत करना है। वहीं, RTE Act 2009 की धारा 29 के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया है कि पाठ्यक्रम ऐसा हो जो बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास, भयमुक्त वातावरण और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) को सुनिश्चित करे।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability) से ग्रसित बालकों के समावेशन हेतु 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के अंतर्गत 'संलग्नता के बहु-साधन' (Multiple Means of Engagement) के सिद्धांत का पालन करते हुए एक शिक्षक को कक्षा-कक्षीय वातावरण में किस प्रमुख रणनीतिक उपागम को प्राथमिकता देनी चाहिए? अब्राहम मास्लो के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के अनुसार, जब व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर लेता है, तब वह किन मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की पूर्ति की ओर अग्रसर होता है, और इस पदानुक्रम में 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की आवश्यकता को शीर्ष पर रखने का क्या मुख्य मनोवैज्ञानिक कारण है? किस आयु में, एक बच्चे में मौन आंतरिक भाषण विकसित होता है? एक विज्ञान शिक्षक कक्षा में छात्रों की विशिष्ट अवधारणात्मक भ्रांतियों (Misconceptions) को दूर करने और अपनी शिक्षण पद्धति की प्रभावशीलता का तुरंत मूल्यांकन करने के लिए एक चक्रीय प्रक्रिया का उपयोग करता है, जिसमें योजना बनाना, क्रियान्वयन, अवलोकन और विमर्श (Reflection) शामिल हैं। शिक्षण विधियों और शोध के परिप्रेक्ष्य में इस प्रक्रिया का सबसे सटीक तकनीकी स्वरूप क्या है? बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेष रूप से 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Trend) जिसके अंतर्गत 'मस्तकोधोमुख विकास' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट-दूर विकास' (Proximodistal Trend) आते हैं—तथा 'अभिवृद्धि और विकास के अंतर' का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिशु अपने शरीर के केंद्रीय भाग से हाथों और उंगलियों की ओर नियंत्रण स्थापित करने से पहले अपने सिर और ऊपरी अंगों पर नियंत्रण प्राप्त करता है, तथा अभिवृद्धि जहाँ केवल मात्रात्मक परिवर्तनों (जैसे वजन और लंबाई में वृद्धि) को दर्शाती है वहीं विकास गुणात्मक एवं परिणात्मक दोनों परिवर्तनों का समग्र रूप है; तो बाल विकास के इन मौलिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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