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Child Development
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेषकर 'विकास की दिशा का नियम' (सेफालोकॉडल एवं प्रोक्सिमोडिस्टल), 'सपाट/रेखीय न होकर वर्तुलाकार (Spiral) होने का सिद्धांत' तथा 'एकीकरण का सिद्धांत'—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?

Detailed Explanation

बाल विकास में 'अभिवृद्धि' (Growth) मुख्य रूप से शारीरिक और मात्रात्मक परिवर्तनों (जैसे लंबाई, वजन, आकार बढ़ना) को दर्शाती है, जो एक निश्चित आयु के बाद रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक, निरंतर और गुणात्मक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तन शामिल होते हैं। विकास कभी न रुकने वाली प्रक्रिया है जो गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत चलती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के प्रतिपादक रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के अनुसार, विश्लेषणात्मक (Analytical), सृजनात्मक (Creative), और व्यावहारिक (Practical) बुद्धि में से कौन सा घटक अमूर्त समस्याओं को हल करने, अकादमिक ज्ञान प्राप्त करने तथा सूचनाओं का तार्किक विश्लेषण करने के लिए सबसे अधिक उत्तरदायी है? भावात्मक डोमेन में वह तरीका शामिल है जिसमें हम चीजों को ........ से व्यवहार करते हैं। शैक्षणिक मूल्यांकन के संदर्भ में, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की अवधारणा तथा 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के वास्तविक उद्देश्यों और उनकी प्रकृति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? स्टर्नबर्ग के 'त्रितंत्र बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के तीन घटकों—घटकात्मक (Componential/Analytical), अनुभवात्मक (Experiential/Creative) और संदर्भात्मक (Contextual/Practical)—तथा गिलफोर्ड के 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के तात्विक और मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले मूलभूत अंतरों या विशेषताओं को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? इनमें से कौन-सा हमारे देश में भाषावाद की जड़ में एक प्रमुख कारण नहीं है?
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