जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की तात्विक और वैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) संज्ञानात्मक विकास की अंतिम अवस्था है। इस चरण में किशोरों में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता विकसित होती है, जिसके तहत वे किसी समस्या के समाधान के लिए पहले वैज्ञानिक तरीके से परिकल्पनाएँ बनाते हैं और फिर तार्किक रूप से उनका परीक्षण करते हैं। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक…
← पिछला प्रश्न
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की तात्विक और तार्किक सीमाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की प्रमुख विशेषता 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism) और 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility) के साथ-साथ 'जीववाद' (Animism) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
पियाजे के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) की किस अवस्था में बालक 'तार्किक रूप से' वस्तुओं और घटनाओं के बारे में चिंतन करना शुरू कर देता है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई सूचनाओं को अपने पूर्व-मौजूद स्कीमा (Schema) में फिट करने का प्रयास करता है बिना उसमें कोई बदलाव किए, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की तात्विक और वैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था में उभरने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) तथा 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage, लगभग 2 से 7 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था में पाई जाने वाली 'जीववाद' (Animism), 'अहंदर्शित्ता' (Egocentrism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration) जैसी सीमाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोर किसी अमूर्त तार्किक समस्या के समाधान के लिए केवल प्रत्यक्ष या मूर्त अनुभवों पर निर्भर रहने के बजाय सभी संभावित चरों (Variables) की पहचान करता है, परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ता है, व्यवस्थित रूप से उनका परीक्षण करता है और 'यदि-तो' (If-Then) के आधार पर निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) का उपयोग करता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'स्कीमा' (Schema), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'साम्याधारण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा पहली बार किसी उड़ने वाले जीव 'तितली' को देखता है और उसे अपनी पूर्व-ज्ञात स्कीमा 'चिड़िया' के आधार पर 'छोटी चिड़िया' मान लेता है (आत्मसातीकरण), किंतु जब वह देखता है कि तितली के पंख और उड़ने का ढंग चिड़िया से भिन्न है और उसके पास चोंच नहीं है, तब वह अपने मानसिक स्कीमा में संशोधन करता है और तितली को एक अलग कीट के रूप में पहचानना सीखता है (समायोजन); तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक संतुलन और बौद्ध विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.