विकास के सिद्धांत (Principles)
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं, उनके मध्य अंतर तथा विकास के मूलभूत सिद्धांतों (जैसे—निरंतरता का सिद्धांत, एकीकरण का सिद्धांत, और सिर-से-पैर का क्रम / Cephalocaudal Trend) का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास की अवधारणा के अनुसार, 'अभिवृद्धि' (Growth) मुख्य रूप से शारीरिक संरचना और आकार में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तनों (जैसे लंबाई, भार, और आंतरिक अंगों का आकार बढ़ना) को दर्शाती है, जो एक निश्चित आयु के बाद रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक और गुणात्मक संप्रत्यय है जो संपूर्ण जीवनकाल (गर्भकाल से वृद्धावस्था तक) निरंतर चलता रहता है, जिसमें शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानसिक, संज्ञानात्मक, सामाजिक और संवेगात्मक परिवर्तन भी शामिल होते हैं। विकास के विभिन्न सिद्धांतों, जैसे 'सिर-से-पैर का क्रम' (Cephalocaudal) तथा 'समीप-से-दूर का क्रम' (Proximodistal), के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के…
← पिछला प्रश्न
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेष रूप से 'विकास की…
Related Questions
→
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा विकास के सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ने के सिद्धांत, एकीकरण के सिद्धांत (Principle of Integration) और वैयक्तिक विभिन्नता के सिद्धांत का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेषकर 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (सेफालोकॉडल या मस्तकोधमुख और प्रोक्सिमोडिस्टल या निकट-दूर विकास) तथा 'विकास की निरंतरता और एकीकरण के सिद्धांत'—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों, यथा 'निरंतरता का सिद्धांत' (Principle of Continuity), 'विकास की दिशा का नियम' (Cephalocaudal and Proximodistal Tendencies), और 'व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) का गहन तात्विक और वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बाल मनोवैज्ञानिक यह प्रेक्षण करता है कि शैशवावस्था से किशोरावस्था तक पहुँचने वाले बालकों में शारीरिक, मानसिक और संवेगात्मक परिवर्तनों की दर असमान होने के बावजूद विकास का समग्र प्रतिमान एक पूर्व-निर्धारित क्रम (जैसे सिर से पैर की ओर तथा केंद्र से परिधि की ओर) का अनुसरण करता है, तो विकास की इस समग्र प्रक्रिया और उसके मूल सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
मानव विकास के संदर्भ में अभिवृद्धि (Growth) और विकास (Development) की अवधारणाओं तथा उनके बीच के गुणात्मक एवं परिणात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों (जैसे- 'मस्तकोधोमुखी' यानी सेफलोकाडल और 'निकटदूरस्थ' यानी प्रॉक्सिमोडिस्टल सिद्धांत) के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
वाइगोत्सकी के सीखने और विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा आलम्बन का उदाहरण है?
→
बच्चे के विकास का 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) सिद्धांत क्या कहता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.