Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की प्रमुख संज्ञानात्मक सीमाओं—जैसे 'आत्मकेन्द्रीकरण' (Egocentrism), 'जीववाद' (Animism), और 'केंद्रीयकरण' (Centration)—तथा 'संरक्षण' (Conservation) के अभाव का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 4 वर्ष का बालक यह तर्क देता है कि सूरज बादलों के पीछे छिप गया है क्योंकि वह सो रहा है (जीववाद), और वह पानी के दो समान गिलासों में से लंबे गिलास को अधिक पानी वाला मानता है क्योंकि उसका ध्यान केवल ऊँचाई पर केंद्रित रहता है (केंद्रीयकरण), तो पियाजे के इस विकासात्मक प्रतिमान और उसकी अंतर्निहित कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 2 से 7 वर्ष) में बालक के चिंतन में कुछ विशिष्ट सीमाएँ होती हैं। 'आत्मकेन्द्रीकरण' (Egocentrism) के कारण बालक यह मानता है कि अन्य लोग भी दुनिया को उसी रूप में देखते और महसूस करते हैं जैसे वह खुद करता है। 'केंद्रीयकरण' (Centration) के कारण वह किसी वस्तु के एक ही पहलू (जैसे ऊँचाई या लंबाई) पर ध्यान केंद्रित कर पाता है और अन्य पहलुओं की उपेक्षा करता है, जिसके परिणामस्वरूप वह 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता हासिल नहीं कर पाता। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of…
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) तथा 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक, सैद्धांतिक एवं कक्षा-कक्षीय निहितार्थों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) की पहचान करने, उपचारात्मक शिक्षण की रूपरेखा तैयार करने तथा उनके गुणात्मक एवं मात्रात्मक पक्षों (संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक) का वर्षभर निरंतर दस्तावेजीकरण करने के लिए विभिन्न उपकरणों जैसे портфоलिओ (Portfolio), रेटिंग स्केल और सहयोगात्मक आकलन का उपयोग करता है, तो CCE के इस समग्र प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने के लिए निरंतर अनौपचारिक उपकरणों का प्रयोग करता है, और इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र बौद्धिक, सह-शैक्षणिक और विकासात्मक स्तर का परिणात्मक व गुणात्मक निर्धारण कर निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के तात्विक और विश्लेषणात्मक स्वरूप का गहन अध्ययन करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपनी शारीरिक और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के पश्चात् सामाजिक अपनेपन, आत्म-सम्मान (Esteem) और अंततः अपनी सर्वोच्च आंतरिक क्षमताओं के पूर्ण विकास यानी 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की अवस्था की ओर अग्रसर होता है, तो मैस्लो के इस अभिप्रेरणात्मक मॉडल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) के प्रथम चरण यानी 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) और द्वितीय चरण यानी 'प्राधिकरण और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Authority and Social Order Maintaining Orientation) के तात्विक एवं विश्लेषणात्मक स्वरूप का अध्ययन करने पर, यदि कोई बालक या किशोर दूसरों की स्वीकृति पाने, सामाजिक प्रशंसा प्राप्त करने तथा स्थापित कानूनों और व्यवस्थाओं के प्रति पूर्ण निष्ठा दिखाने के लिए कार्य करता है, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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