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Child Development
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने के लिए निरंतर अनौपचारिक उपकरणों का प्रयोग करता है, और इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र बौद्धिक, सह-शैक्षणिक और विकासात्मक स्तर का परिणात्मक व गुणात्मक निर्धारण कर निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

शैक्षणिक मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों भिन्न किंतु पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य अधिगम के दौरान आने वाली कठिनाइयों का पता लगाना (निदान) और उसमें सुधार करना होता है (Assessment for Learning और Assessment as Learning)। इसके विपरीत, 'मूल्यांकन' एक व्यापक और समग्र संकल्पना है जिसके अंतर्गत आकलन के आँकड़ों के आधार पर मूल्य-निर्णय (Value Judgment) किया जाता है, जो सामान्यतः सत्र या पाठ्यक्रम के अंत में होता है (Assessment of Learning)। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक तीनों पक्षों के क्रमिक विकास का आकलन सुनिश्चित करता है। इस विषय की विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में, बच्चा अहंकारी हो जाता है? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) जैसी न्यूरोलॉजिकल विकृतियों के तात्विक एवं नैदानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक 9 वर्षीय बालक को लिखित प्रतीकों को पढ़ने, शब्दों को डिकोड करने और वर्तनी संबंधी त्रुटियाँ करने में गंभीर कठिनाई होती है, साथ ही उसे हस्तलेखन को व्यवस्थित रखने तथा गणितीय गणनाओं व स्थानिक अवधारणाओं को समझने में भी असफलता मिलती है, तो इन सह-अकरणीय (Comorbid) अधिगम अक्षमताओं की अंतर्निहित न्यूरो-कॉग्निटिव गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'अपरिवर्तनीयता या विलोमियता का अभाव' (Irreversibility) जैसी मानसिक प्रक्रियाएं बच्चे की संज्ञानात्मक परिपक्वता के किस चरण की सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषताएं हैं? → शिक्षण में 'आगमन विधि' (Inductive Method) का प्रयोग मुख्य रूप से कब किया जाता है? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के न्यूरोलॉजिकल और फोलाजिकल प्रोसेसिंग (Phonological Processing) आयामों का गहन विश्लेषण करने पर, जब एक विद्यार्थी को लिखित प्रतीकों को ध्वनियों में बदलने तथा शब्दों के आंतरिक संरचनात्मक घटकों (जैसे अक्षरों और ध्वनियों के मेल) को समझने में गंभीर न्यूरोलॉजिकल कठिनाई होती है, तो इस विशिष्ट अधिगम विकार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक है?
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