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Child Development
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शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) की अवधारणाओं, उनके उद्देश्यों तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों के अधिगम अंतराल (Learning Gaps) का निदान करने, शिक्षण प्रक्रिया को सुधारात्मक पृष्ठपोषण (Formative Feedback) प्रदान करने के लिए निरंतर अनौपचारिक उपकरणों का प्रयोग करता है, और इसके साथ ही सत्र के अंत में उनके समग्र बौद्धिक, सह-शैक्षणिक और विकासात्मक स्तर का परिणात्मक व गुणात्मक निर्धारण कर निर्णय लेता है, तो आकलन और मूल्यांकन के इस विभेदक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शैक्षणिक मनोविज्ञान और शिक्षाशास्त्र में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दोनों भिन्न किंतु पूरक अवधारणाएँ हैं। आकलन एक सतत प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य अधिगम के दौरान आने वाली कठिनाइयों का पता लगाना (निदान) और उसमें सुधार करना होता है (Assessment for Learning और Assessment as Learning)। इसके विपरीत, 'मूल्यांकन' एक व्यापक और समग्र संकल्पना है जिसके अंतर्गत आकलन के आँकड़ों के आधार पर मूल्य-निर्णय (Value Judgment) किया जाता है, जो सामान्यतः सत्र या पाठ्यक्रम के अंत में होता है (Assessment of Learning)। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोगामक तीनों पक्षों के क्रमिक विकास का आकलन सुनिश्चित करता है। इस विषय की विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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