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Child Development
Asked 2 months ago · Viewed 23 times

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) तथा आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम (RPWD Act 2016) के वैधानिक एवं शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दिव्यांगता से ग्रसित बच्चों के लिए 'अधिगम की सार्वभौमिक डिजाइन' (UDL) को लागू करते हुए वास्तुकला संबंधी बाधाओं को दूर करता है, अनुकूलित पाठ्यचर्या का निर्माण करता है, तथा 'समानता' के स्थान पर 'समता' (Equity) और पूर्ण सामाजिक एकीकरण (Full Social Integration) के मार्ग प्रशस्त करता है, तो इन आधुनिक विधिक एवं समावेशी प्रतिमानों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के संदर्भ में, 'निःशक्तजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act 2016)' ने दिव्यांगता के दायरे को व्यापक बनाते हुए इसे 7 से बढ़ाकर 21 प्रकार की दिव्यांगताओं में वर्गीकृत किया है और शिक्षा संस्थानों में सुगमता तथा समान अवसर को कानूनी अधिकार बनाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) भी यह रेखांकित करती है कि CWSN बालकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने के लिए संसाधन केंद्र, विशेष शिक्षक और तकनीकी सहायता प्रदान की जाए। इस विषय की विस्तृत सैद्धांतिक पृष्ठभूमि के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ व्यक्तित्व (Personality) के मनोवैज्ञानिक अध्ययनों में विलियम शेल्डन (William Herbert Sheldon) के शरीर-रचना सिद्धांत (Somatotype Theory) तथा कार्ल गुस्ताव जुंग (Carl Jung) के अंतर्मुखी-बहिर्मुखी मनोविश्लेषणात्मक वर्गीकरण के तात्विक और तुलनात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से गोलाकार, कोमल और आरामपसंद (Endomorphic) होने के साथ-साथ स्वभाव से मिलनसार, सामाजिक और भोजन-प्रेमी (Viscerotonic) है, तथा जुंग के वर्गीकरण के अनुसार वह बाहरी दुनिया के साथ सहज संबंध स्थापित करने वाला बहिर्मुखी (Extrovert) भी है, तो इन दोनों व्यक्तित्व typology सिद्धांतों की अंतर्निहित कार्यप्रणाली और उनके निर्धारकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'समायोजन' (Accommodation) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक सामान्य कक्षा-कक्ष में गंभीर दृष्टिबाधित और हल्के बौद्धिक अक्षमता वाले छात्रों की व्यक्तिगत अधिगम भिन्नताओं को संबोधित करने के लिए बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory Approach), ब्रेल लिपि, स्पर्शनीय सामग्रियों तथा लचीली मूल्यांकन रणनीतियों का एक साथ प्रयोग करता है, तो इस समावेशी शैक्षणिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'अधिगम विकारों के न्यूरोलॉजिकल और मोटर समन्वय' के तात्विक एवं व्यवहारात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक रूप से अपनी बात अत्यंत स्पष्ट और तार्किक ढंग से अभिव्यક્ત करने में पूरी तरह सक्षम है, परंतु जब वह अपने विचारों को कागज़ पर लिखने का प्रयास करता है, तो उसका हस्तलेखन (Handwriting) अत्यधिक असंगठित, अनियमित, अक्षरों के आकार में असमान और वर्तनी संबंधी गंभीर अशुद्धियों से युक्त होता है, तथा उसे पेन या पेंसिल पकड़ने में सूक्ष्म पेशीय समन्वय (Fine Motor Coordination) की स्पष्ट कठिनाई महसूस होती है, तो न्यूरो-साइकोलॉजिकल और समावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण से इस विशिष्ट अधिगम विकार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → अधिगम के मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) तथा 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के तात्विक एवं सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी नए कौशल या ज्ञान को अर्जित करते समय प्रारंभिक चरणों में तीव्र गति से सुधार प्रदर्शित करता है, किंतु मध्य अवस्था में अभ्यास और प्रेरणा के बावजूद उसकी निष्पादन दर पूरी तरह स्थिर हो जाती है (जिसे अधिगम का पठार या Plateau कहा जाता है), और इस स्थिति के उपरांत यदि पूर्व में सीखा गया ज्ञान या कौशल उसके नए कार्य को सकारात्मक या नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है, तो इन दोनों संकल्पनाओं के अंतर्निहित मनोवैज्ञानिक तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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