अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
Asked 2 months ago · Viewed 20 times
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं शैक्षिक वर्गीकरण के अंतर्गत 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia), और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक दृश्य-श्रव्य संकेतों के प्रसंस्करण (Auditory and Visual Processing) में गंभीर कठिनाई महसूस करता है, वर्णमाला के क्रम और प्रतीकों को उलटा पढ़ता है ('was' को 'saw' लिखना या पढ़ना), तथा दृश्य-स्थानिक समन्वय (Visuo-spatial coordination) के अभाव और सूक्ष्म पेशीय विकारों (Fine motor deficits) के कारण अपने विचारों को लिखित रूप में सुसंगत ढंग से कागज पर उतारने में पूरी तरह असमर्थ रहता है, तो इन विशिष्ट अधिगम विकारों के तात्विक और नैदानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम अक्षमताएँ (Learning Disabilities) तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) से जुड़ी ऐसी स्थितियाँ हैं जो सूचनाओं को ग्रहण करने, संसाधित करने, विश्लेषण करने या याद रखने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, डिसलेक्सिया (Dyslexia) मुख्य रूप से पठन से जुड़ी अक्षमता है जहाँ मस्तिष्क शब्दों और प्रतीकों को सही ढंग से डिकोड नहीं कर पाता, वहीं डिसग्राफिया (Dysgraphia) एक लेखन वैकल्य है जो सूक्ष्म पेशीय नियंत्रण (Fine motor control) और दृश्य-स्थानिक समन्वय (Visuo-spatial coordination) की कठिनाइयों के कारण होता है। ये विकार सामान्य या उच्च बौद्धिक स्तर वाले बालकों में भी पाए जा सकते हैं और इन्हें उचित उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) से काफी हद तक प्रबंधित किया जा सकता है।
अगला प्रश्न →
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के चिकित्सीय एवं…
Related Questions
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia) के उप-प्रकारों—विशेष रूप से 'फोनोलॉजिकल डिस्लेक्सिया' (Phonological Dyslexia) और 'सरफेस डिस्लेक्सिया' (Surface Dyslexia)—तथा मस्तिष्क के कॉर्टिकल क्षेत्रों में होने वाले न्यूरोलॉजिकल व्यतिक्रमों का गहन वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी अपरिचित शब्द को ध्वन्यात्मक रूप से खंडित करके पढ़ने या डिकोड करने में पूरी तरह सक्षम है, परंतु अनियमित या अपवाद स्वरूप वर्तनी वाले शब्दों (जैसे 'ough' या 'colonel' युक्त शब्द) को उनके समग्र दृश्यात्मक स्वरूप के आधार पर पहचानने में गंभीर रूप से विफल रहता है, तो उसके इस विशिष्ट पठन विकार और उपचारात्मक रणनीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसऑर्थोग्राफिया' (Dysorthographia) के न्यूरोलॉजिकल एवं भाषाई स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में अत्यधिक असमर्थता का अनुभव करता है, हस्तलेखन (Handwriting) अत्यधिक असंगठित, अनियमित और धीमी गति का होता है, तथा वर्तनी (Spelling) के नियमों को लागू करने और शब्दों के श्रुतलेखन (Dictation) में गंभीर कठिनाई होती है, तो इन विशिष्ट लेखन विकारों और इनके उपचारात्मक शिक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक भाषा को समझने, सुनने में सूक्ष्म अंतर करने, ध्वनियों का विश्लेषण करने (Phonological Processing) तथा वाचन के दौरान शब्दों को आपस में गड्ड-मड्ड करने की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, और इसके साथ ही उसे गति संबंधी समन्वय (Motor Coordination) तथा स्थानिक-दृश्य (Visuo-spatial) प्रसंस्करण में भी कठिनाई होती है, तो इन लक्षणों के आधार पर न्यूरो-मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस स्थिति को किस मुख्य श्रेणी में रखा जाएगा और इसके प्रभावी उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) हेतु निम्नलिखित में से कौन-सा उपागम सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, डिसलेक्सिया (Dyslexia), डिसग्राफिया (Dysgraphia) और डिसकैलकुलिया (Dyscalculia) जैसी विशिष्ट विकासात्मक विकारों का गहन तात्विक और न्यूरोलॉजिकल विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकारों के अंतर्निहित कारणों और उनके विशिष्ट लक्षणों के बीच के संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसप्रेक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'अधिगम विकारों के न्यूरोलॉजिकल और मोटर समन्वय' के तात्विक एवं व्यवहारात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी मौखिक रूप से अपनी बात अत्यंत स्पष्ट और तार्किक ढंग से अभिव्यક્ત करने में पूरी तरह सक्षम है, परंतु जब वह अपने विचारों को कागज़ पर लिखने का प्रयास करता है, तो उसका हस्तलेखन (Handwriting) अत्यधिक असंगठित, अनियमित, अक्षरों के आकार में असमान और वर्तनी संबंधी गंभीर अशुद्धियों से युक्त होता है, तथा उसे पेन या पेंसिल पकड़ने में सूक्ष्म पेशीय समन्वय (Fine Motor Coordination) की स्पष्ट कठिनाई महसूस होती है, तो न्यूरो-साइकोलॉजिकल और समावेशी शिक्षा के दृष्टिकोण से इस विशिष्ट अधिगम विकार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के मनोवैज्ञानिक एवं न्यूरोलॉजिकल आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि किसी शिक्षार्थी को लिखित शब्दों को पढ़ने, अक्षरों के क्रम को पहचानने (जैसे 'saw' को 'was' पढ़ना), और दृश्य-श्रव्य संकेतों के बीच समन्वय स्थापित करने में गंभीर कठिनाई होती है, जबकि उसकी सामान्य बुद्धि लब्धि (IQ) और मौखिक संप्रेषण क्षमता पूर्णतः सामान्य है; इसके साथ ही यदि दूसरे शिक्षार्थी को गणितीय गणनाओं, संख्याओं के स्थानिक संगठन और प्रतीकों को समझने में बाधा उत्पन्न होती है, तो इन विशिष्ट तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल और गत्यात्मक (Motor) पहलुओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी अपने विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने में गंभीर रूप से असमर्थ है, उसका हस्तलेखन अत्यंत अव्यवस्थित, अनियमित आकार का और पढ़ने में कठिन है, तथा इसके साथ ही उसे अपने शरीर की गतिविधियों, बारीक गत्यात्मक कौशल (Fine Motor Skills) जैसे पेंसिल या कैंची को सही ढंग से पकड़ने तथा स्थानिक-दृश्य समन्वय (Visuo-spatial Coordination) में भी लगातार बाधा का सामना करना पड़ता है, तो इन लक्षणों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा नैदानिक और उपचारात्मक दृष्टिकोण सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सही है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत मौखिक और लिखित भाषा के उत्पादन, वाक्य-विन्यास (Syntax), विचारों को क्रमिक रूप से व्यक्त करने में असमर्थता तथा हस्तलेखन से जुड़े यांत्रिक और गत्यात्मक विकारों के अतिरिक्त, यदि कोई शिक्षार्थी विशेष रूप से शब्दों की वर्तनी (Spelling) में बार-बार अशुद्धियाँ करता है, वाक्यों में शब्दों का क्रम उलट देता है और लेखन प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक मानसिक थकान व निराशा का अनुभव करता है, तो इस न्यूरोलॉजिकल विकार को किस विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाएगा और इसके प्रभावी उपचारात्मक उपागम के रूप में निम्नलिखित में से कौन-सा सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.