BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 2 months ago · Viewed 21 times

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के संदर्भ में जॉन डीवी (John Dewey) के 'लर्निंग बाई डूइंग' (Learning by Doing) के सिद्धांत तथा बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के दार्शनिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित और पाठ्यपुस्तक-आधारित व्यवस्था को पूरी तरह नकारते हुए विद्यार्थियों के अनुभवों, समस्या-समाधान (Problem Solving), सहयोगात्मक अधिगम और लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास को अपने पाठ्यक्रम का केंद्रीय आधार बनाता है, तो इस संपूर्ण शैक्षिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) बाल-केंद्रित शिक्षा का एक प्रमुख आयाम है जिसके प्रणेता प्रसिद्ध अमेरिकी दार्शनिक और शिक्षाशास्त्री जॉन डीवी (John Dewey) हैं। उनके अनुसार शिक्षा केवल भविष्य के जीवन की तैयारी नहीं है, बल्कि यह स्वयं जीवन का एक प्रक्रिया है। डीवी ने 'करके सीखने' (Learning by Doing) और समस्या-समाधान के महत्व पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, इस दृष्टिकोण के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। विद्यालय को समाज का लघु रूप (Microcosm of Society) माना गया है जहाँ बच्चों को लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक सहभागिता और आलोचनात्मक चिंतन का अवसर मिलता है।
Share:
अगला प्रश्न → शैक्षणिक अनुसंधान के अंतर्गत 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) की… ← पिछला प्रश्न थार्नडाइक के 'संयोजनवाद' (Connectionism) के अंतर्गत सीखने…

Related Questions

→ बुद्धि (Intelligence) के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे स्पीयरमैन का द्व-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory), थर्स्टन का समूह कारक सिद्धांत (Group Factor Theory), और गिलफोर्ड का त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल (Structure of Intellect Model)—का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह मानता है कि बुद्धि केवल कुछ प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (Primary Mental Abilities) का एक समुच्चय है जो एक दूसरे से स्वतंत्र होती हैं, तथा साथ ही गिलफोर्ड के मॉडल के अनुसार बौद्धिक प्रक्रियाएँ संक्रिया (Operations), विषयवस्तु (Contents), और उत्पाद (Products) के त्रि-आयामी मैट्रिक्स के अंतर्गत कुल 150 या 180 स्वतंत्र कारकों में विभाजित होती हैं, तो इस संपूर्ण सैद्धांतिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → व्यक्तित्व (Personality) के निर्धारण में जैविक (Biological) और सामाजिक-सांस्कृतिक (Socio-cultural) कारकों की परस्पर अंतर्क्रिया का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह मानता है कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास न केवल उसके आनुवंशिक विन्यासों (Genetic Dispositions) और अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) की सक्रियता पर निर्भर करता है, बल्कि उस समाज के मूल्यों, सांस्कृतिक प्रतिमानों (Cultural Patterns) और सामाजिक समाजीकरण (Socialization) की प्रक्रियाओं द्वारा भी गहराई से आकार लेता है, तो इस संपूर्ण मनोवैज्ञानिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय अपने शैक्षिक परिवेश में 'रटकर सीखने की प्रवृत्ति' (Rote Learning) को पूरी तरह हतोत्साहित करते हुए बच्चों के ज्ञान को बाहरी दुनिया से जोड़ने, बाल-केन्द्रित शिक्षा प्रणाली अपनाने, और RTE अधिनियम के तहत 6 से 14 आयु वर्ग के सभी बालकों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा का मौलिक अधिकार सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की प्रारंभिक प्रवेश परीक्षा या शारीरिक दंड/प्रताड़ना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है, तो इस संपूर्ण वैधानिक और शैक्षणिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दिमियर, कुर्त कोफ्का और वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संज्ञानात्मक स्वरूप तथा वुल्फगैंग कोहलर द्वारा कैनेरी द्वीप समूह के टेनेरिफ़ में चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यह सिद्धांत थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) से किस मूलभूत दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक बिंदु पर भिन्नता प्रदर्शित करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.