गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दिमियर, कुर्त कोफ्का और वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के संज्ञानात्मक स्वरूप तथा वुल्फगैंग कोहलर द्वारा कैनेरी द्वीप समूह के टेनेरिफ़ में चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यह सिद्धांत थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) से किस मूलभूत दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक बिंदु पर भिन्नता प्रदर्शित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादी संप्रदाय के अनुसार, सीखना केवल यांत्रिक प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्थिति के संपूर्ण क्षेत्र (Total Field) की अंतर्दृष्टि और मानसिक संगठन पर आधारित होता है। कोहलर के प्रयोगों में चिम्पैंजी ने छड़ियों को आपस में जोड़कर केले तक पहुँचने की समस्या का समाधान अचानक एक मानसिक छलांग या सूझ के माध्यम से किया था। इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
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वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिम्पांजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और उनके 'गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत' (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के तात्विक एवं संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान क्रमिक त्रुटि-प्रयास (Trial and Error) के बजाय अचानक से संपूर्ण परिस्थिति के संज्ञानात्मक क्षेत्र (Perceptual Field) का पुनर्गठन करके समस्या का हल खोज लेता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'परिसर का संज्ञानात्मक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring of the Perceptual Field) और 'अकस्मात् समाधान' (Aha! Experience) की अवधारणा का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या से जूझते हुए अचानक से सभी छितरी हुई परिस्थितियों और साधनों के आंतरिक संबंधों को एक समग्र दृष्टि में पिरोकर बिना किसी बाहरी यांत्रिक क्रमिक प्रयास के सीधे सही हल तक पहुँच जाता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया के दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दिमियर, कुर्त कोफ्का और वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) तथा थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप का तुलनात्मक अध्ययन करने पर, कोहलर के चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और 'अचानक समाधान' (Aha! Experience) की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिमियर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के तात्विक, प्रयोगात्मक और संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोग तथा 'अकास्मिक समाधान' (Aha! Experience) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अधिगम प्रक्रिया की वास्तविक मनोवैज्ञानिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
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