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Asked 2 months ago · Viewed 27 times

थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism), पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) तथा स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) के अधिगम सिद्धांतों का तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, यदि एक जीव किसी उद्दीपक की अनुपस्थिति में स्वयं अपनी स्वेच्छा से अनुक्रिया (Emitted Response) करता है और उसके परिणाम स्वरूप उसे पुनर्बलन (Reinforcement) प्राप्त होता है, जबकि दूसरी ओर एक अन्य स्थिति में उद्दीपक के अनिवार्य रूप से उपस्थित होने पर ही जीव एक विवश अनुक्रिया (Elicited Response) देने के लिए बाध्य होता है, तो इन दोनों अधिगम रूपों (R-type और S-type अनुबंधन) के तात्विक नियंत्रण तंत्र और उनके मुख्य प्रतिपादकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

बी. एफ. स्किनर ने अपने क्रियाप्रसूत अनुबंधन को 'R-type' (Response-type) अनुबंधन कहा है क्योंकि इसमें अनुक्रिया जीव द्वारा स्वेच्छा से उत्सर्जित (Emitted) की जाती है और उसके परिणाम (जैसे पुनर्बलन) उसके भविष्य को तय करते हैं, जबकि इवान पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन 'S-type' (Stimulus-type) अनुबंधन है जिसमें उद्दीपक (Stimulus) अनिवार्य रूप से एक खास अनुक्रिया (Elicited Response) उत्पन्न करता है। थार्नडाइक, पावलव और स्किनर के इन सिद्धांतों के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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