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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत सार्वभौमिक अभिकल्प (Universal Design for Learning - UDL) के तात्विक और शैक्षणिक सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (CWSN)—जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित, और हल्की बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों—की समेकित अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बहु-संवेदी उपागम (Multi-sensory Approach), लचीली पाठ्यचर्या और विविध मूल्यांकन विधियों का उपयोग करता है, तो यूडीएल (UDL) के इन तीनों मुख्य सिद्धांतों—(1) जुड़ाव के कई साधन (Multiple Means of Engagement), (2) प्रतिनिधित्व के कई साधन (Multiple Means of Representation), और (3) अभिव्यक्ति के कई साधन (Multiple Means of Expression)—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इस कक्षा-कक्षीय रणनीति की वास्तविक वैज्ञानिक एवं दार्शनिक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में सार्वभौमिक अभिकल्प (UDL) एक ऐसा दृष्टिकोण है जो शिक्षण की बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अंतर्गत शिक्षार्थियों को अधिगम सामग्री प्रस्तुत करने के कई तरीके, उन्हें अपनी बात व्यक्त करने के विभिन्न विकल्प और उनकी प्रेरणा बनाए रखने के लिए जुड़ाव के साधन प्रदान किए जाते हैं। यह विधि बच्चों की तंत्रिका-विविधता का सम्मान करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अब्राहम मैस्लो द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) में निम्न-स्तरीय (Deficiency Needs / D-needs) और उच्च-स्तरीय (Growth Needs / B-needs) आवश्यकताओं का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी शारीरिक और सुरक्षा आवश्यकताओं को संतुष्ट करने के उपरांत संबंधता (Belongingness) तथा आत्म-सम्मान (Esteem) की सीढ़ियों को पार करते हुए अपनी पूरी अंतःशक्ति और क्षमताओं की अधिकतम अभिव्यक्ति यानी 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) की अवस्था की ओर अग्रसर होता है, तो इस संपूर्ण अभिप्रेरणात्मक चक्र और मैस्लो के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की समयावधि क्या है?
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अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के तात्विक, तुलनात्मक और प्रायोगिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी उद्दीपक के प्रति यांत्रिक रूप से अनुक्रिया करता है और परिणाम स्वरूप मिलने वाले पुरस्कार या पुनर्बलन से उसका व्यवहार निर्धारित होता है, तो इन तीनों व्यवहारवादी (Behaviorist) अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) और 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) का गहन विश्लेषण करने पर, जब अधिगम वक्र में धनात्मक (उन्नततोदर/Convex), ऋणात्मक (नतोदर/Concave), एस-आकार (S-shaped) और मिश्रित (Combination) वक्रों का अध्ययन किया जाता है, तथा पठार की स्थिति उत्पन्न होने के मनोवैज्ञानिक कारणों—जैसे मानसिक थकान, प्रेरणा का ह्रास, या जटिलता में अचानक वृद्धि—का मूल्यांकन किया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'फैलक अवस्था' (Phallic Stage, लगभग 3 से 6 वर्ष) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की सबसे प्रमुख जटिलताओं—'ओडिपस ग्रंथि' (Oedipus Complex) और 'इलेक्ट्रा ग्रंथि' (Electra Complex)—तथा रक्षा तंत्र (Defense Mechanisms) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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