क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 months ago · Viewed 24 times
अधिगम मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक के 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) में उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization), और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'शेपिंग' (Shaping या आकृतिकरण) की अवधारणाओं का गहन तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में किसी जटिल वांछित व्यवहार को विकसित करने के लिए क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximations) की विधि का प्रयोग करते हुए विद्यार्थियों को लक्षित व्यवहार की ओर अग्रसर करता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि शिक्षार्थी उस कार्य को सीखने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों, तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक संप्रत्ययों के अंतःक्रियात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अधिगम के व्यवहारवादी दृष्टिकोण में एडवर्ड थार्नडाइक, इवान पावलव और बी.एफ. स्किनर के सिद्धांत foundational भूमिका निभाते हैं। थार्नडाइक के अनुसार 'तत्परता का नियम' सीखने की प्रक्रिया के लिए जैविक और मानसिक तैयारी को इंगित करता है। पावलव के अनुबंधन सिद्धांत में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शास्त्रीय अनुबंधन और उद्दीपक सामान्यीकरण की प्रक्रिया समझाई गई है, जबकि स्किनर ने 'शेपिंग' (क्रमिक सन्निकटन) के माध्यम से जटिल क्रियाप्रसूत व्यवहारों को स्थापित करने की विधि दी है।
अगला प्रश्न →
अधिगम के मनोविज्ञान में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव…
← पिछला प्रश्न
अधिगम के मनोविज्ञान में एडवर्ड थार्नडाइक (Edward…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तात्विक, क्रियात्मक और प्रेरक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के वास्तविक और वैज्ञानिक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'संबंधवाद' (Connectionism), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों की तात्विक और संरचनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों व्यवहारवादी सिद्धांतों के उद्दीपन (Stimulus), अनुक्रिया (Response) और पुनर्बलन (Reinforcement) के संचालन तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
थार्नडाइक के अधिगम के मुख्य नियमों (तत्परता का नियम, अभ्यास का नियम, और प्रभाव का नियम) तथा स्किनर के नैमित्तिक अनुबंधन (Operant Conditioning) के सिद्धांतों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों को किसी नए कौशल को सिखाने के लिए 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect) और 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement) की गतिकी का उपयोग करता है, तो इस शैक्षणिक प्रक्रिया के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सिद्धांतों की तात्विक एवं तुलनात्मक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में किसी वांछित व्यवहार को स्थापित करने के लिए उत्तेजना-अनुक्रिया (S-R) सहचरी के साथ-साथ संतोषजनक परिणामों (सकारात्मक पुनर्बलन) और अनुक्रिया-उत्तेजना (R-S) की पारस्परिक क्रियाओं का उपयोग करता है, तो इन तीनों अधिगम सिद्धांतों के मौलिक दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक के संयोजनवाद (Connectionism), इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) और बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांतों का तुलनात्मक तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि थार्नडाइक का उद्दीपक-प्रतिक्रिया (S-R) आबंध, पावलव का उद्दीपक-उद्दीपक (S-S) अनुबंधन और स्किनर का प्रतिक्रिया-उद्दीपक (R-S) मॉडल का अध्ययन किया जाए, तो इनमें से कौन-सा कथन इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित क्रियाप्रणाली के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) की तात्विक, तुलनात्मक और प्रयोगात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक जीव किसी उद्दीपक के प्रति पहले से मौजूद किसी स्वाभाविक अनुक्रिया को किसी कृत्रिम उद्दीपक के साथ जोड़ना सीखता है, जबकि दूसरे परिदृश्य में जीव स्वयं अपनी इच्छा से कोई क्रिया (सक्रिय व्यवहार) करके वातावरण को प्रभावित करता है और उसके परिणाम स्वरूप मिलने वाले 'प्रबलन' (Reinforcement) से उसके व्यवहार की आवृत्ति बढ़ती या घटती है, तो इन दोनों अधिगम स्वरूपों (पावलव का अनुबंधन और स्किनर का अनुबंधन) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.