समावेशी शिक्षा
Asked 2 months ago · Viewed 26 times
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से ग्रसित बालकों के समावेशन हेतु 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के अंतर्गत 'अभिव्यक्ति के बहु-साधन' (Multiple Means of Expression) के सिद्धांत का पालन करते हुए एक शिक्षक को कक्षा-कक्षीय मूल्यांकन एवं शिक्षण प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस रणनीतिक उपागम को प्राथमिकता देनी चाहिए?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग (UDL) के अंतर्गत 'अभिव्यक्ति के बहु-साधन' (Multiple Means of Expression) का सिद्धांत यह सुनिश्चित करता है कि अधिगमकर्ताओं को अपनी योग्यताओं, रुचियों और क्षमताओं के अनुसार ज्ञान प्रदर्शित करने के विभिन्न विकल्प मिलें। यह दृष्टिकोण विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) की विविध अधिगम शैलियों का समर्थन करता है। इस विषय की विस्तृत अवधारणा के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत श्रवण बाधित (Hearing Impaired)…
← पिछला प्रश्न
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, बौद्धिक…
Related Questions
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का मुख्य शैक्षणिक सिद्धांत निम्नलिखित में से किस मान्यता पर आधारित है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) में 'मूल्यांकन' का क्या स्वरूप होना चाहिए?
→
'अधिगम मूल्यांकन और मापन के आधुनिक दृष्टिकोण' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा संशोधित 'संज्ञानात्मक उद्देश्य वर्गीकरण' (Revised Bloom's Taxonomy) के अंतर्गत 'स्मरण करना' (Remembering), 'समझना' (Understanding), 'अनुप्रयोग करना' (Applying), 'विश्लेषण करना' (Analyzing), 'मूल्यांकन करना' (Evaluating), और 'सृजन करना' (Creating) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की पदानुक्रमित सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन वेब (Norman Webb) द्वारा प्रतिपादित 'ज्ञान की गहराई' (Depth of Knowledge - DoK) मॉडल के चार स्तरों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) या विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Specific Learning Disability) से ग्रसित बालकों के समावेशन हेतु 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के अंतर्गत 'संलग्नता के बहु-साधन' (Multiple Means of Engagement) के सिद्धांत का पालन करते हुए एक शिक्षक को कक्षा-कक्षीय वातावरण में किस प्रमुख रणनीतिक उपागम को प्राथमिकता देनी चाहिए?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के मूल दर्शन तथा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक सामान्य विद्यालय में विभिन्न अक्षमताओं (जैसे दृष्टिबाधकता, श्रवणबाधकता, चलन दिव्यांगता और विशिष्ट अधिगम विकलांगता) से ग्रसित बच्चों के साथ-साथ सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों को भी एक ही छत के नीचे समान शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा रहा है, तो इस समावेशी परिवेश में 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के अनुप्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के बहु-साधन, प्रस्तुतीकरण के बहु-साधन, और अभिव्यक्ति के बहु-साधन—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) सहित सभी विद्यार्थियों के लिए अधिगम वातावरण का निर्माण करता है, तो UDL के इन सिद्धांतों और 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, 'सार्वभौमिक रूप से अभिकल्पित अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अर्थात बहुविध संलग्नता (Multiple Means of Engagement), बहुविध प्रस्तुति (Multiple Means of Representation), और बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Action and Expression)—की तात्विक और शैक्षणिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन UDL के मूल उद्देश्य और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के समावेशन में उसकी भूमिका को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से व्यक्त करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.