संज्ञानात्मक विकास
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की मुख्य विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अंतिम अवस्था 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) अमूर्त चिंतन और तार्किक निष्कर्ष की पराकाष्ठा है। इस चरण में बालक बिना किसी मूर्त सामग्री की सहायता के प्रतीकों, सूत्रों और परिकल्पनाओं के आधार पर मानसिक रूप से समस्याओं का समाधान करने की क्षमता यानी 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' विकसित कर लेता है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Cognitive Development Theory) के…
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) की तात्विक और तार्किक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा वस्तुओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility), और 'संरक्षण' (Conservation) के गुणों को भली-भांति समझ लेता है, किंतु फिर भी वह पूरी तरह से अमूर्त विचारों, काल्पनिक परिस्थितियों और 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ रहता है, तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास के समाज-संचालित मॉडल' (Socio-driven Model of Cognitive Development) तथा 'अंतर-मानसिक और अंतः-मानसिक श्रेणियों' (Inter-mental and Intra-mental Categories) की तात्विक और गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, ज्ञान के निर्माण और उसके आंतरिकरण (Internalization) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' तथा 'निजी भाषण' (Private Speech) और 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) की तात्विक एवं विकासात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वाइगोत्स्की के दृष्टिकोण के अनुसार वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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