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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Pre-conventional Level) के दोनों चरणों—अर्थात 'सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास' (Stage 1) और 'सापेक्षवादी या आत्म-रुचि अभिविन्यास' (Stage 2)—की तात्विक और संज्ञानात्मक-मनोवैज्ञानिक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों चरणों के मध्य निहित मूलभूत अंतर और उनके नैतिक तर्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Pre-conventional Level) लगभग 9 वर्ष से कम आयु के बच्चों में पाया जाता है। इस स्तर के पहले चरण ('सजा और आज्ञाकारिता अभिविन्यास') में बच्चा नियमों का पालन केवल इसलिए करता है ताकि उसे दंड न मिले, यानी वह बाहरी सत्ता के नियंत्रण में होता है। इसके विपरीत, दूसरे चरण ('सापेक्षवादी या आत्म-रुचि अभिविन्यास') में बालक अपने व्यक्तिगत हितों, आवश्यकताओं को पूरा करने तथा 'यदि तुम मेरा भला करोगे, तो मैं तुम्हारा भला करूँगा' (Quid Pro Quo / Tit-for-Tat) की भावना से नैतिक निर्णय लेता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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