BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
24 views

शिक्षण विधियों और कक्षा-कक्षीय व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) के प्रयोग तथा कर्ट लेविन (Kurt Lewin) एवं स्टीफन कोरे (Stephen Corey) द्वारा प्रतिपादित इसके वैज्ञानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) और क्रियात्मक अनुसंधान के मध्य मूलभूत अंतर और इसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) का मुख्य उद्देश्य किसी तात्कालिक, विशिष्ट कक्षा-कक्षीय या संस्थागत समस्या का व्यावहारिक और त्वरित समाधान खोजना होता है। इसे शिक्षक या प्रशासक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए स्वयं करते हैं, जबकि मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) का उद्देश्य नए सिद्धांतों और नियमों का प्रतिपादन करना होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ निम्नलिखित में से कौन-सा ICT साधन नहीं है? → अधिगम के किस सिद्धांत में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) को व्यवहार बदलने का मुख्य माध्यम माना गया है? → मनोविज्ञान के व्यवहारवादी सम्प्रदाय के जनक कौन हैं? → कारل जुंग (Carl Jung) द्वारा प्रतिपादित विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान (Analytical Psychology) में व्यक्तित्व के प्रकारों को मुख्य रूप से मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियों—अंतर्मुखी (Introvert) और बहिर्मुखी (Extrovert)—तथा चार बुनियादी मानसिक कार्यों—सोचना (Thinking), महसूस करना (Feeling), संवेदना (Sensation), और अंतर्दृष्टि (Intuition)—के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। इसके विपरीत, स्प्रेंगर (Eduard Spranger) ने मूल्यों के आधार पर व्यक्तित्व के छह प्रकार (सैद्धांतिक, आर्थिक, कलात्मक, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक) बताए हैं। यदि कोई व्यक्ति हमेशा तार्किक विश्लेषण, वस्तुनिष्ठ सत्य की खोज और बौद्धिक सिद्धांतों को अपने जीवन का सर्वोच्च आधार मानता है, तो जुंग के वर्गीकरण के अनुसार उसका मानसिक कार्य और स्प्रेंगर के वर्गीकरण के अनुसार उसका मूल्य प्रकार क्रमशः क्या होगा? → अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक एवं प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य की मुख्य तात्विक भिन्नता को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.