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History of India
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औरंगजेब के शासनकाल में सबसे अधिक हिंदू मनसबदार थे, उनका प्रतिशत लगभग कितना था?

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औरंगजेब के समय हिंदू मनसबदारों की संख्या लगभग एक तिहाई (33%) तक पहुँच गई थी।
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दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राजवंशों और उनके प्रशासनिक सुधारों, सैन्य संगठनों तथा राजस्व प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में बिचौलियों (जैसे खुत्तो, मुकद्दम और चौधरी) के विशेषाधिकारों को समाप्त करते हुए सीधे किसानों से भू-राजस्व वसूलने की व्यवस्था की और उपज का आधा हिस्सा (50 प्रतिशत) कर के रूप में निर्धारित किया। 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ (देवगिरि) स्थानांतरित करने के बाद सांकेतिक मुद्रा (Token Currency) के रूप में तांबे और कांसे के सिक्के चलाए, जिनका मूल्य सोने और चांदी के दीनार व टका के बराबर रखा गया, जिससे जाली सिक्कों का चलन बढ़ गया और अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में आ गई। 3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में पहली बार किसानों पर सिंचाई कर (शरब) लगाया, जो कुल उपज का 1/10 भाग था, तथा उसने अनेक नए नहरों का निर्माण करवाया और ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लागू कर दिया। 4. लोदी वंश के संस्थापक बहलोल लोदी ने सल्तनत में 'बहलोली' नामक चांदी के सिक्के का प्रचलन शुरू किया, जो अकबर के समय तक विनिमय का मुख्य साधन बना रहा, और उसने अफगान सरदारों की संतुष्टि के लिए 'मसनद-ए-आली' की अवधारणा को बढ़ावा दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? शम्भाजी के बाद राजाराम ने कहाँ से मुगलों के विरुद्ध मराठा संघर्ष जारी रखा? सांकेतिक मुद्रा के रूप में सुल्तान ने किन धातुओं के सिक्के जारी किए थे? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक-धार्मिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी का विलय किया गया, जिससे पारंपरिक शासकों और उनके आश्रितों में गहरी असुरक्षा और आक्रोश की भावना उत्पन्न हुई। 2. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों (विशेषकर मुक्त व्यापार और एकतरफा शुल्क व्यवस्था) के कारण पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों का तीव्र पतन हुआ, जिससे बड़ी संख्या में कारीगर और दस्तकार बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए। 3. वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के तहत पैतृक संपत्ति में उत्तराधिकार के अधिकार को हिंदू धर्म त्यागने या ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्तियों के लिए भी सुरक्षित कर दिया गया, जिसे रूढ़िवादी भारतीय समाज ने धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने के षड्यंत्र के रूप में देखा। 4. सेना के भीतर लागू 'सामान्य सेवा उपनियम अधिनियम' (General Service Enlistment Act, 1856) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समुद्र पार (काला पानी) जाकर भी सेवा देनी होगी, जिससे तत्कालीन सैनिकों की रूढ़िवादी धार्मिक मान्यताओं और जातियों की पवित्रता को ठेस पहुँची। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? चंपारण सत्याग्रह (1917) और असहयोग आंदोलन (1920-22) के ऐतिहासिक घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी ने नील बागान मालिकों द्वारा थोपी गई 'तीनकठिया' प्रथा के विरुद्ध आवाज उठाई, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20 वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी होती थी। 2. चंपारण कृषि समिति (Champaran Agrarian Committee) के एक सदस्य के रूप में महात्मा गांधी ने स्वयं यह मांग की थी कि किसानों से अवैध रूप से वसूले गए कुल धन का 100 प्रतिशत हिस्सा तत्काल वापस किया जाए और किसी भी प्रकार के समझौते को अस्वीकार कर दिया जाए। 3. वर्ष 1920 में प्रारंभ हुए असहयोग आंदोलन के दौरान नागपुर अधिवेशन में कांग्रेस ने अपने मुख्य लक्ष्य के रूप में 'शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से स्वराज की प्राप्ति' को स्वीकार किया तथा रचनात्मक कार्यक्रमों के तहत विदेशी कपड़ों का बहिष्कार और राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना को प्राथमिकता दी। 4. चौरी-चौरा कांड (फरवरी 1922) की हिंसा के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाई और असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी, जिससे कई प्रमुख नेताओं ने इस निर्णय की आलोचना की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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