त्वरित लिंक्स
Child Development
7 views
सिग्मंड फ्रायड द्वारा प्रतिपादित मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों के संदर्भ में, 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) के दौरान बाल विकास की तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विशेषताओं का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म इन दोनों चरणों की मुख्य विकासात्मक चुनौतियों और संघर्षों को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, 'गुदा अवस्था' (Anal Stage, लगभग 1.5 से 3 वर्ष) में बच्चे का मुख्य ध्यान मल त्याग और मूत्राशय के नियंत्रण पर होता है, जिसे 'टॉयलेट ट्रेनिंग' कहा जाता है। इस दौरान माता-पिता द्वारा तय किए गए नियमों और बच्चे की स्वायत्तता के बीच संघर्ष होता है। इसके बाद आने वाली 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage, लगभग 3 से 6 वर्ष) में कामेच्छा का केंद्र जननांग होते हैं, और इस चरण में बच्चे अपने विपरीत लिंगीय माता-पिता के प्रति आकर्षण तथा समलिंगी माता-पिता के प्रति प्रतिस्पर्धा का अनुभव करते हैं, जिसे लड़कों में 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' और लड़कियों में 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' कहा जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पर जा सकते हैं।
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) की सीमाओं और आलोचनाओं—विशेष रूप से कैरोल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा प्रस्तुत 'नैतिक देखभाल के दृष्टिकोण' (Ethics of Care) के परिप्रेक्ष्य में—यदि हम कोहलबर्ग के उच्चतम स्तर (उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता) के सार्वभौमिक सिद्धांतों और गिलिगन के संबंधों पर आधारित न्याय-देखभाल के द्वंद्व का तात्विक विश्लेषण करें, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के तहत जब एक शिक्षक सामान्य कक्षा-कक्ष में गंभीर और बहु-विकलांगता (Severe and Multiple Disabilities) से ग्रस्त बच्चों के समावेशन के लिए 'व्यक्तिगत शिक्षण योजना' (Individualized Education Program - IEP), 'अनुकूलित पाठ्यक्रम' (Adapted Curriculum), और 'अतिवादी सहायता तकनीक' (Assistive Technology) का समन्वित रूप से उपयोग करता है, तो इस विशिष्ट शैक्षणिक व दार्शनिक दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'सांस्कृतिक उपकरणों' (Cultural Tools) और 'संकेत प्रणालियों' (Sign Systems जैसे भाषा, लेखन, और गिनती) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उनके इस सिद्धांत की वास्तविक तात्विक प्रकृति को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेषकर 'विकास की दिशा का नियम' (सेफालोकॉडल एवं प्रोक्सिमोडिस्टल), 'सपाट/रेखीय न होकर वर्तुलाकार (Spiral) होने का सिद्धांत' तथा 'एकीकरण का सिद्धांत'—का तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक और सैद्धांतिक दृष्टिकोण से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, संस्कृति, भाषा और 'मोर थيار अदर' (More Knowledgeable Other - MKO) की भूमिका का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वाइगोत्स्की के इस दृष्टिकोण को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है कि बच्चों का संज्ञानात्मक विकास उनके सामाजिक परिवेश से किस प्रकार प्रभावित होता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.