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History of India
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मराठा साम्राज्य में "सरनजामी प्रथा" (Saranjami System) का संबंध किससे था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सरनजामी प्रथा जागीरदारी से संबंधित थी।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की क्रांतिकारी गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी के विरुद्ध विद्रोह का प्रभावी नेतृत्व किया और ब्रिटिश सेना के समक्ष कभी आत्मसमर्पण न करते हुए नेपाल की तराई में पलायन किया।
2. 'डंका शाह' के नाम से प्रसिद्ध मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने चिनहट के युद्ध में हेनरी लॉरेंस के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना को पराजित किया था, जिसके कारण ब्रिटिश प्रशासन ने उनकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
3. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अंततः अवध के ही पुवायाँ नामक स्थान पर ब्रिटिश सेना द्वारा घेर लिया गया, जहाँ वे भीषण संघर्ष के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए और उनके इस पराक्रम में पुवायाँ के राजा ने अंग्रेजों की पूरी सहायता की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महात्मा गांधी के प्रारंभिक आंदोलनों (चंपारण सत्याग्रह, खेड़ा सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन) के वैचारिक और व्यावहारिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान, यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकथा प्रणाली' के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के 3/20 वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था, जिसे समाप्त करने के लिए गांधीजी द्वारा भारत में किया गया यह पहला सविनय अवज्ञा का सफल प्रयोग था।
2. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में फसल खराब होने के बावजूद ब्रिटिश सरकार द्वारा राजस्व माफी से इंकार करने पर, गांधीजी ने किसानों को भू-राजस्व का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्देश दिया और वल्लभभाई पटेल के साथ मिलकर इस आंदोलन का नेतृत्व किया।
3. वर्ष 1920 में प्रारंभ हुए 'असहयोग आंदोलन' के दौरान नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन किया गया, जिसके तहत शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से 'स्वराज' की प्राप्ति को कांग्रेस का आधिकारिक लक्ष्य बनाया गया।
4. असहयोग आंदोलन के स्थगन के पश्चात चौरी-चौरा की घटना (5 फरवरी 1922) के विरोध में गांधीजी ने तुरंत कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और आजीवन किसी भी राजनीतिक आंदोलन में भाग न लेने की घोषणा की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के पश्चात ब्रिटिश क्राउन द्वारा भारत के प्रशासन में किए गए संरचनात्मक परिवर्तनों तथा 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' (क्वीन विक्टोरिया की घोषणा) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर' को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया।
2. गवर्नर-जनरल का पद नाम बदलकर 'वायसराय' कर दिया गया, जो सीधे ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी था, और लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले गवर्नर-जनरल एवं अंतिम वायसराय बने।
3.वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (जिसे 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद के दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया) में यह आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय जनता के पारंपरिक रीति-रिवाजों, धार्मिक विश्वासों का सम्मान करेगी और भविष्य में किसी भी प्रकार के नए भू-क्षेत्र विस्तार (Annexation Policy) की नीति को त्याग दिया जाएगा।
4. सेना के पुनर्गठन के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि ब्रिटिश सैनिकों का अनुपात यूरोपीय सैनिकों की तुलना में काफी कम रखा जाएगा तथा तोपखाने जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील सैन्य विभाग पूरी तरह से भारतीय सैनिकों के नियंत्रण में सौंप दिए जाएंगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए 'भारत सरकार अधिनियम 1858' तथा महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की दोहरी शासन प्रणाली को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) का गठन किया गया।
2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (जिसे इलाहाबाद दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया था) में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के साथ किए गए सभी संधियों और समझौतों का सम्मान करेगी, भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य का कोई अनियंत्रित विस्तार नहीं किया जाएगा तथा भारतीय जनता के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
3. इस घोषणा पत्र में नस्लीय भेदभाव को समाप्त करते हुए यह नीति घोषित की गई कि सभी योग्य भारतीयों को उनकी जाति, पंथ या जन्म के भेदभाव के बिना उच्च प्रशासनिक पदों पर निष्पक्ष रूप से नियुक्त किया जाएगा, और ब्रिटिश संसद ने तुरंत ही इस प्रावधान को कानूनी जामा पहनाते हुए सभी सिविल सेवाओं के इम्तिहान केवल भारत में ही आयोजित करने का अनिवार्य कानून पारित कर दिया।
4. विद्रोह की समाप्ति के पश्चात ब्रिटिश सेना के पुनर्गठन के दौरान 'पील आयोग' (Peel Commission) की संस्तुतियों के आधार पर सेना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया तथा सामरिक दृष्टि से संवेदनशील और उत्तरदायी पदों पर केवल यूरोपीय सैनिकों को ही नियुक्त किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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