थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि
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थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि (Trial and Error Theory) के सिद्धांत तथा पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning Theory) के सिद्धांत के बीच अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में सबसे मुख्य और दार्शनिक अंतर निम्नलिखित में से क्या है?
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Detailed Explanation
एडवर्ड थार्नडाइक का 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' प्रभाव के नियम (Law of Effect) और तत्परता के नियम पर आधारित है, जहाँ बिल्ली जैसी भूखी बिल्ली समस्या-पेटिका से बाहर आने के लिए सक्रिय रूप से कई प्रकार के प्रयास करती है और सफल होने पर संतोषजनक परिणाम उसे सिखलाते हैं। इसके विपरीत, इवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) समकालिकता (Contiguity) और साहचर्य के नियमों पर कार्य करता है जहाँ कुत्ते (प्राणी) को भोजन से पहले घंटी की ध्वनि सुनाई जाती है, जिससे स्वाभाविक अनुक्रिया (लालास्राव) अस्वाभाविक उद्दीपक के साथ जुड़ जाती है। अधिगम के इन दोनों सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and…
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एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
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बहुखंड या बहुतत्व (Multi-factor) बुद्धि का सिद्धांत किसने दिया?
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थॉर्नडाइक के सीखने के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness) का क्या अर्थ है?
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शिक्षा-मनोविज्ञान के जनक कौन हैं?
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एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत सीखने के गौण नियमों (Secondary Laws of Learning) में से एक 'आंशिक क्रिया का नियम' (Law of Partial Activity) का वास्तविक शैक्षणिक निहितार्थ और इसकी मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस रूप में सबसे सटीक रूप से स्पष्ट होती है?
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एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) में से 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) के मनोवैज्ञानिक आधार और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसके तात्विक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
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थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों में से एक 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के बीच के दार्शनिक तथा क्रियात्मक संबंध का सबसे सूक्ष्म एवं सटीक विश्लेषण निम्नलिखित में से कौन सा है?
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थार्नडाइक के सीखने के नियमों में से 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) केवल शारीरिक या मानसिक तैयारी से आगे बढ़कर तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की कंडक्टिंग यूनिट्स (Conducting Units) की स्थिति से जुड़ा है। इस सिद्धांत के गहन मनोवैज्ञानिक निहितार्थों के अनुसार, यदि कोई शिक्षार्थी किसी कार्य को सीखने के लिए पूरी तरह से तैयार है और उसे वह अवसर प्रदान किया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति उत्पन्न होगी?
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