क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 2 months ago · Viewed 23 times
इवान पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) सिद्धांत और बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) सिद्धांत के बीच सैद्धांतिक अंतर के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इवान पावलव द्वारा प्रतिपादित शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) एक ऐसा अधिगम प्रकार है जिसमें अननुबंधित उद्दीपक (UCS) के साथ अनुबंधित उद्दीपक (CS) का साहचर्य बनता है और यह उद्દીपक (Stimulus) द्वारा नियंत्रित होता है, जिसे 'S-R' प्रतिमान कहा जाता है। इसके विपरीत, बी. एफ. स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन (Operant Conditioning) इस बात पर जोर देता है कि जीव पर्यावरण में सक्रिय रूप से कार्य करता है (Response) और उसका परिणाम (Stimulus/Reinforcement) उसके व्यवहार को निर्धारित करता है, जिसे 'R-S' प्रतिमान कहा जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
अगला प्रश्न →
थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि (Trial and Error) के सिद्धांत और स्किनर के…
← पिछला प्रश्न
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन…
Related Questions
→
एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित अधिगम के मुख्य नियमों (Primary Laws of Learning) में से 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) इस बात पर जोर देता है कि संतोषजनक परिणाम किसी अनुक्रिया को मजबूत करते हैं और असंतोषजनक परिणाम उसे कमजोर करते हैं। इस नियम की प्रत्यक्ष रूप से मनोवैज्ञानिक व सैद्धांतिक आलोचना करते हुए स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक विश्लेषणात्मक रूप से सही है?
→
अधिगम के 'पुनर्बलन सिद्धांत' (Reinforcement Theory) के मुख्य प्रतिपादक कौन थे?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के प्रमुख नियमों—विशेषकर 'अभ्यास का नियम' (Law of Use and Disuse) तथा 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) और इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) से इसकी तात्विक भिन्नता को दर्शाने वाला सर्वाधिक सटीक कथन कौन-सा है?
→
अधिगम के किस सिद्धांत में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) को सीखने का आधार माना गया है?
→
बी. एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के संदर्भ में, यदि किसी वांछित व्यवहार को दोहराने की संभावना को बढ़ाने के लिए अप्रिय या दंडस्वरूप उद्दीपकों को हटा दिया जाता है, ताकि प्राणी को राहत या संतोष मिले, तो इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया और इसके विशिष्ट प्रकार को निम्नलिखित में से क्या कहा जाएगा?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) और बी. एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के बीच का सबसे सूक्ष्म और महत्वपूर्ण तार्किक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आंशिक सुदृढ़ीकरण अनुसूची' (Partial / Intermittent Reinforcement Schedule)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक व्यवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ प्रत्येक सही अनुक्रिया पर सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) देने के बजाय निश्चित या अनिश्चित समय अंतरालों या प्रतिक्रियाओं के बाद रुक-रुक कर सुदृढ़ीकरण प्रदान किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यवहार के स्थायित्व, विलुप्तिकरण के प्रति प्रतिरोध (Resistance to Extinction) और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक संप्रत्यय—**'सतत एवं अंतराल पुनर्बलन अनुसूचियां' (Continuous and Intermittent Reinforcement Schedules)**—जिसे उस विशिष्ट अनुदेशात्मक और behavioral तंत्र के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ यह निर्धारित किया जाता है कि किसी वांछित अनुक्रिया (Desired Response) को मजबूत करने के लिए पुनर्बलन (Reinforcement) हर बार दिया जाएगा या निश्चित/अनिश्चित अंतराल या अनुपातों पर दिया जाएगा—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम स्थायित्व, विलोपन (Extinction) के प्रतिरोध और आंतरिक अभिप्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.