विकास के सिद्धांत (Principles)
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बाल विकास के अध्ययन में 'विकास के सिद्धांतों' (Principles of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास की 'दिशा के सिद्धांत' (Principle of Directionality) की सबसे सटीक और व्यापक वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
बाल विकास में विकास की दिशा के दो सर्वमान्य और महत्वपूर्ण नियम होते हैं: पहला 'मस्तोमुखी' (Cephalocaudal sequence) जिसके अनुसार विकास सिर से पैर की दिशा में होता है (शिशु सबसे पहले अपने सिर पर नियंत्रण सीखता है), और दूसरा 'समीपरोधी' या 'निकट-दूर' (Proximodistal sequence) जिसके तहत विकास शरीर के केंद्र से शुरू होकर बाहर की ओर (यानी रीढ़ की हड्डी से हाथों और उंगलियों की ओर) बढ़ता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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बाल विकास के अध्ययन में 'समीप-दूरमुखी प्रवृत्ति' (Proximodistal Trend) और…
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Related Questions
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बाल विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में 'वर्तुल या कुंडलिलाकार प्रगति का सिद्धांत' (Principle of Spiral Advancement) निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण तथ्य को सबसे स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Direction of Development) मानव विकास की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए किन दो मुख्य प्रवृत्तियों यानी 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) और 'निकट-दूर' (Proximodistal) प्रवृत्तियों को किस प्रकार परिभाषित करता है?
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों और विकासात्मक आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विकास की प्रक्रिया सिर से पैर की दिशा (मस्तकोधोमुख विकास - Cephalocaudal Trend) और शरीर के केंद्र से परिधि की ओर (समीपदूराभिमुख विकास - Proximodistal Trend) दोनों नियमों का एक साथ अनुसरण करती है।
2. एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बाल्यावस्था (School Age) के दौरान 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) का संकट उत्पन्न होता है, जहाँ बालक अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन करके समाज में निपुणता हासिल करना चाहता है।
3. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बालक 'संरक्षण' (Conservation) और 'सकर्मक अनुमान' (Transitive Inference) के गुणों को पूरी तरह से आत्मसात कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास के सिद्धांतों और अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बाल विकास की प्रक्रिया निरंतरता के सिद्धांत (Principle of Continuity) का पालन करती है, जिसका अर्थ है कि यह प्रक्रिया गर्भधारण से शुरू होकर मृत्युपर्यंत चलती रहती है और इसमें कभी भी कोई आकस्मिक या अचानक परिवर्तन नहीं होता है।
2. विकास की गति व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के कारण सभी बच्चों में एक समान नहीं होती है, लेकिन विकास का प्रतिरूप (Developmental Pattern) सभी सामान्य बच्चों में लगभग एक जैसा ही होता है, जैसे कि मस्तोमुखी क्रम (Cephalocaudal sequence) और निकट-दूर क्रम (Proximodistal sequence)।
3. अधिगम और परिपक्वता (Maturation) एक दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र प्रक्रियाएँ हैं, जहाँ परिपक्वता केवल जैविक और आनुवंशिक कारकों पर निर्भर करती है, और इस पर पर्यावरण, अभ्यास या अधिगम के अनुभवों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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वाइगोत्सकी के सीखने और विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा आलम्बन का उदाहरण है?
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बच्चे के विकास का 'मस्तकाधोमुखी' (Cephalocaudal) सिद्धांत क्या कहता है?
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