BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
10 views

घर्षण गुणांक (μ) का मान क्या होता है?

Detailed Explanation

यह एक अनुपात है जो आमतौर पर 0-1 के बीच होता है।
Share:

Related Questions

मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनकी शारीरिक-भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रिफ़िथ टैलर (Griffith Taylor) और टी.एल. रुथवे के प्रवास-कटिबंध सिद्धांत (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों का उद्गम एशिया महाद्वीप के केंद्रीय भागों में हुआ और जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्सर्जित हुईं, वे प्रवास के क्रम में सबसे दूरस्थ क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका) तक पहुँच गईं। 2. 'कॉकीसाएड' (Caucasoid) प्रजाति के लोगों की मुख्य शारीरिक विशेषताओं में सीधी से लेकर घुंघराले बाल, संकीर्ण या मध्यम नाक (লেপोटोराइन) और हल्की से लेकर गहरी त्वचा का रंग शामिल है, जिनका मूल निवास मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व और भारतीय उपमहाद्वीप माना जाता है। 3. 'नॉर्मन जे. बर्डेल' और आधुनिक मानव विज्ञान के अनुसार, 'नेग्रोइड' (Negroid) प्रजाति की शारीरिक विशेषताएँ उष्णकटिबंधीय जलवायु के अनुकूल होती हैं, जिनमें अत्यधिक घुंघराले ऊनी बाल (Peppercorn hair), चौड़ी चपटी नाक और शरीर की सतह पर पसीने की ग्रंथियों की अधिकता शामिल है जो शरीर को ठंडा रखने में सहायक होती है। 4. मंगोलॉइड (Mongoloid) प्रजाति की प्रमुख शारीरिक विशेषताओं में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) युक्त आँखें, चपटे गाल की हड्डियाँ और सीधे काले बाल शामिल हैं, जिनका मूल आवास मुख्य रूप से एशिया का उत्तरी, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पादप आकारिकी और आवृतबीजी (Angiosperm) पौधों में जनन प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आवृतबीजी पौधों में निषेचन के उपरान्त बीजांड (Ovule) विकसित होकर बीज में तथा अंडाशय (Ovary) परिपक्व होकर फल में परिवर्तित हो जाता है, जिसमें फल की भित्ति को 'पेरिकार्प' (Pericarp) कहा जाता है। 2. 'द्वि-निषेचन' (Double Fertilization) की क्रिया आवृतबीजी पौधों की एक विशिष्ट और अद्वितीय विशेषता है, जिसमें एक नर युग्मक अंड कोशिका के साथ मिलकर द्विगुणित युग्मज बनाता है और दूसरा नर युग्मक केंद्रीय कोशिका के द्वितीयक केंद्रक के साथ मिलकर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक का निर्माण करता है। 3. पुष्प के आवश्यक चक्रों में पुंकेसर (Androecium) और जायांग (Gynoecium) शामिल होते हैं, जबकि बाह्यदलपुंज (Calyx) और दलपुंज (Corolla) को सहायक चक्र कहा जाता है क्योंकि ये सीधे जनन प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं। 4. आलू, अदरक और अरबी जैसे पौधे भूमिगत तनों (क्रमशः कंद, प्रकंद और घनकंद) के रूप में रूपांतरित होते हैं, जिनमें वर्धिनी कलिकाएँ (Axillary/Vegetative Buds) पाई जाती हैं, और ये सभी वास्तव में पौधों की जड़ के रूपांतरण के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पृथ्वी के वायुमण्डल के संगठन (Composition of Atmosphere) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायुमण्डल में आयतन के आधार पर नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) की संयुक्त मात्रा 99% से अधिक है, जबकि शेष भाग में आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड, नियॉन और हीलियम जैसी अल्प मात्रा वाली गैसें पाई जाती हैं। 2. कार्बन डाइऑक्साइड एक भारी गैस है जो भू-तल के पास घनी परत बनाती है और यह केवल क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा तक ही सीमित रहती है, जिससे यह समतापमंडल या उससे ऊपर की परतों में बिल्कुल नहीं पाई जाती है। 3. जलवाष्प (Water Vapour) वायुमण्डल की सबसे परिवर्तनशील गैसों में से एक है, जिसकी मात्रा ध्रुवीय क्षेत्रों से विषुवत वृत्त की ओर जाने पर घटती है तथा यह सूर्य से आने वाले ताप का अवशोषण करने के साथ-साथ पृथ्वी से उत्सर्जित होने वाली पार्थिव विकिरण को भी रोकती है। 4. वायुमण्डल में विभिन्न गैसों के अलावा ठोस और तरल कण भी तैरते रहते हैं जिन्हें सामूहिक रूप से 'एरोसॉल' (Aerosols) या धूलकण कहा जाता है, और ये कण मुख्य रूप से संघनन नाभिक (Condensation nuclei) के रूप में कार्य करके बादलों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems) तथा उनके अंगों और कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मानव पाचन तंत्र में यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है, जो पित्त रस (Bile) का स्राव करती है; हालांकि इस रस में कोई पाचक एंजाइम नहीं होता है, किंतु यह वसा के पायसीकरण (Emulsification) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. मानव श्वसन तंत्र में गैसों का विनिमय फेफड़ों के सूक्ष्मतम भागों—कूपिकाओं (Alveoli)—की भित्तियों के माध्यम से विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, जहाँ रुधिर में उपस्थित हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन से जुड़कर ऑक्सीहीमोग्लोबिन का निर्माण करता है। 3. तंत्रिका तंत्र की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई न्यूरॉन (Neuron) होती है, जिसमें आवेगों का संचरण हमेशा डेंड्राइट्स से शुरू होकर एक्सॉन (Axon) के अंतिम छोर की ओर एकदिशीय (Unidirectional) रूप से होता है। 4. मानव उत्सर्जन तंत्र में वृक्क (Kidney) की कार्यात्मक इकाई 'नेफ्रॉन' (Nephron) होती है, जिसके बोमन संपुट (Bowman's Capsule) में ग्लोमेरुलस द्वारा रुधिर का उच्च दाब पर छनन (Ultrafiltration) होता है, और मूत्र निर्माण की इस प्रक्रिया में ग्लूकोज तथा अमीनो अम्ल का सक्रिय पुनravsorption (Reabsorption) केवल हेनले के लूप में ही संभव होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? मानव शरीर में 'पोषक पदार्थों' (Nutrients) के चयापचय, विटामिनों की कार्यप्रणाली और उनके रासायनिक नामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु पाई जाती है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की भित्ति द्वारा स्रावित 'इन्ट्रीसिक फैक्टर' (Intrinsic Factor) की आवश्यकता होती है। 2. वसा में घुलनशील विटामिन (A, D, E और K) का संचय मुख्य रूप से यकृत और वसीय ऊतकों में होता है, तथा विटामिन K का मुख्य कार्य प्रोथ्रोम्बिन के संश्लेषण में सहायता करना है, जिससे रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया सुगम होती है। 3. 'मैक्रो-न्यूट्रिएंट्स' (Macro-nutrients) के अंतर्गत कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा आते हैं, जिनमें 1 ग्राम वसा के पूर्ण ऑक्सीकरण से सर्वाधिक ऊर्जा (लगभग 9.3 किलो कैलोरी) प्राप्त होती है, जबकि कार्बोहाइड्रेट शरीर का प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है। 4. विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) एक ऐसा ताप-संवेदनशील विटामिन है जो पकाने पर नष्ट हो जाता है, और इसकी कमी से 'बेरी-बेरी' नामक रोग होता है, जबकि इसकी प्रचुरता खट्टे फलों (जैसे आँवला और नींबू) में पाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.