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BPSC TRE 4.0
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डीएनए में प्यूरीन बेस कौन हैं?

Detailed Explanation

एडेनीन और ग्वानीन।
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पौधों एवं पशु कोशिकाओं में अंतर निम्न में किस संरचना से स्पष्ट होता है? यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) तथा घूर्णन गति के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी पिंड का जड़त्व आघूर्ण उसके द्रव्यमान और घूर्णन अक्ष से द्रव्यमान कणों की दूरियों के वर्गों के गुणनफल का योग होता है, और यह एक अदिश राशि न होकर एक प्राक्षेप (Tensor) राशि है। 2. घूर्णन गति में 'बलाघूर्ण' (Torque) वही भूमिका निभाता है जो रेखीय गति में 'बल' निभाता है, और इसका एसआई मात्रक न्यूटन-मीटर (N-m) होता है। 3. 'कोणीय संवेग संरक्षण का सिद्धांत' इस नियम पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर कुल बाह्य बलाघूर्ण शून्य हो, तो उस निकाय का कुल कोणीय संवेग संरक्षित (Constant) रहता है (जैसे कि घूमते हुए स्टूल पर बैठी नर्तकी का अपने हाथों को सिकोड़ने पर घूर्णन गति का बढ़ जाना)। 4. समानांतर अक्ष प्रमेय (Parallel Axes Theorem) के अनुसार, किसी अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण, उस अक्ष के समानांतर तथा केंद्र से गुजरने वाले अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण और पिंड के कुल द्रव्यमान तथा दोनों अक्षों के बीच की लंबवत दूरी के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? घोघा के गोहिल राजपूत राजा मोखदजी गोहिल किसके समकालीन थे? मछलियाँ किसके द्वारा सांस लेती हैं? जीव जगत के जैविक वर्गीकरण और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के सूक्ष्मजीवकीय विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच-जगत वर्गीकरण प्रणाली (Five-Kingdom Classification System) में जीवों के वर्गीकरण का मुख्य आधार कोशिका संरचना, शारीरिक संगठन, पोषण की विधि, प्रजनन और जातिवृत्तीय (phylogenetic) संबंध है। 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound organelles) अनुपस्थित होते हैं, किंतु इनकी कोशिका भित्ति सार्वभौमिक रूप से केवल सेल्यूलोस की बनी होती है। 3. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अन्य सामान्य जीवाणुओं से भिन्न होते हैं क्योंकि इनकी कोशिका भित्ति और प्लाज्मा झिल्ली की रासायनिक संरचना अत्यधिक विशिष्ट होती है, जो इन्हें अति लवणीय क्षेत्रों (हैलोफिल्स), गर्म झरनों (थर्मोएसिडोफिल्स) और दलदली क्षेत्रों (मेथैनोजेन) जैसी चरम वातावरणीय परिस्थितियों में जीवित रहने में सक्षम बनाती है। 4. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल), जिन्हें मोनेरा जगत के अंतर्गत रखा गया है, में क्लोरोफिल-'ए' पाया जाता है, और इनमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) के लिए कुछ विशिष्ट और मोटी दीवार वाली कोशिकाएँ पाई जाती हैं जिन्हें 'हैटरोसिस्ट' (Heterocysts) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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