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General Science
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ध्रुवण (Polarization)?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विशेष दिशा में कंपन।
Related Questions
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि प्रकाश सघन से विरल माध्यम की ओर ही जाए।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को छोड़कर अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. अवतल दर्पण (Concave mirror) द्वारा बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु के आकार से छोटा होता है, चाहे वस्तु को मुख्य अक्ष पर किसी भी स्थिति में क्यों न रखा जाए।
4. गोलीय दर्पण की फोकस दूरी ($f$) उसकी वक्रता त्रिज्या ($R$) की आधी होती है, और यह संबंध दर्पण के दर्पण सूत्र तथा सभी प्रकार के दर्पणों (गोलीय और परवलयिक) के लिए आपतन कोण के किसी भी बड़े मान हेतु पूर्णतः सटीक और सार्वभौमिक रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जिसके कारण परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की वांडरवाल्स त्रिज्या उनके पूर्ण भरे कक्षकों के कारण उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की तुलना में अधिक होती है।
2. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन और पहले से उपस्थित 2p कक्षकीय इलेक्ट्रॉनों के बीच अंतःइलेक्ट्रॉनिक प्रतिकर्षण (Inter-electronic repulsion) कम हो जाता है।
3. संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक के तत्व) की प्रथम संक्रमण श्रेणी में परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ परमाणु त्रिज्याओं में होने वाला संकुचन बहुत कम होता है, जिसका मुख्य कारण 3d कक्षकों का आवरण प्रभाव (Shielding effect) अत्यंत दुर्बल होना है।
4. किसी परमाणु की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर बढ़ती है और वर्ग में नीचे जाने पर घटती है, तथा पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता सभी तत्वों में सर्वाधिक होती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन और अम्ल-क्षार सिद्धांत (Acids and Bases) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं (इलेक्ट्रॉन-युग्म ग्राही), जबकि लुईस क्षार वे होते हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म दान कर सकते हैं।
2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी (Bronsted-Lowry) अवधारणा के अनुसार, एक अम्ल वह पदार्थ है जो प्रोटॉन ($H^+$) का त्याग कर सकता है, और इसके द्वारा प्रोटॉन त्यागने के बाद बनने वाली स्पीशीज को उसका 'संयुग्मी अम्ल' (Conjugate acid) कहा जाता है।
3. आयनिक बंधन (Ionic bond) के निर्माण के दौरान जालक ऊर्जा (Lattice energy) जितनी अधिक ऋणात्मक होती है, बनने वाले आयनिक यौगिक का स्थायित्व उतना ही अधिक होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कैंसर का अध्ययन?
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डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, 'VNTR' (वेरिएबल नंबर ऑफ टैंडम रिपीट्स) की कार्यप्रणाली और अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. VNTR जीनोम के उन क्षेत्रों से संबंधित होते हैं जहाँ छोटे न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम क्रमिक रूप से कई बार दोहराए जाते हैं, और इन दोहरावों की संख्या प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपी (polymorphic) होती है, सिवाय एकसमान जुड़वां (identical twins) के।
2. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक में, रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लีएज एंजाइमों द्वारा डीएनए को काटने के बाद प्राप्त खंडों को इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा अलग किया जाता है, और VNTR जांच (probes) का उपयोग करके 'सदर्न ब्लॉटिंग' तकनीक के माध्यम से आनुवंशिक बहुरूपता की पहचान की जाती है।
3. VNTR अनुक्रम केवल कोडिंग डीएनए (एक्साइट्स) के भीतर ही पाए जाते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं, जिसके कारण इनमें होने वाले उत्परिवर्तन जीवों के फेनोटाइप को तुरंत प्रभावित करते हैं।
4. VNTR आधारित डीएनए प्रोफाइलिंग का उपयोग फोरेंसिक विज्ञान में अपराधियों की पहचान करने, पितृत्व विवादों को सुलझाने और विभिन्न जातियों के बीच आनुवंशिक विविधता तथा विकासवादी संबंधों का अध्ययन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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