BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
9 views

वर्ष 1857 के महान विद्रोह की विफलता और उसके नेतृत्व की आंतरिक कमजोरियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस विद्रोह के पास किसी एक केंद्रीय प्रामाणिक राजनीतिक दृष्टिकोण या सुविचारित भविष्य की प्रशासनिक योजना का सर्वथा अभाव था, जिसके कारण विभिन्न क्षेत्रों के विद्रोही नेता अपने-अपने स्थानीय हितों से प्रेरित होकर संघर्ष करते रहे।
  2. 2. ब्रिटिश सेनापतियों की तुलना में विद्रोही खेमे में उच्च स्तरीय सैन्य नेतृत्व और तालमेल का भारी संकट था, और अधिकांश भारतीय नेतृत्व आधुनिक सैन्य तकनीक, तोपखाने के प्रयोग और समन्वित सामरिक रणनीति के मामले में अंग्रेजों से बहुत पीछे था।
  3. 3. भारत के अधिकांश बड़े रियासतों के शासकों, बड़े जमींदारों और नवाबों ने विद्रोही ताकतों का खुलकर समर्थन किया था, जिसके फलस्वरूप अंग्रेजों को पूरे भारत में व्यापक जन-समर्थन प्राप्त करने से रोकने में सफलता मिली।
  4. 4. पंजाब और दक्षिण भारत के अधिकांश क्षेत्र तथा आधुनिक शिक्षित मध्यम वर्ग और व्यापारी समुदाय इस विद्रोह से या तो तटस्थ रहे या उन्होंने ब्रिटिश शासन के पक्ष में अपनी निष्ठा व्यक्त की, जिससे विद्रोह का दायरा काफी सीमित हो गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 का महान विद्रोह ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध एक बड़ा कदम था, किंतु इसकी असफलता के पीछे कई आंतरिक कमजोरियां और नेतृत्व का अभाव प्रमुख कारण रहे। इस विद्रोह के पास कोई केंद्रीय राजनीतिक दृष्टि या भविष्य के भारत का सुव्यवस्थित खाका नहीं था। इसके अलावा, सिंधिया, होलकर, हैदराबाद के निजाम और अधिकांश भारतीय राजाओं/जमींदारों ने अंग्रेजों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से साथ दिया। पंजाब और दक्षिण भारत के साथ-साथ आधुनिक शिक्षित वर्ग भी इस राष्ट्रीय विद्रोह से अलग रहा, जिससे इसका प्रभाव सीमित हो गया। इस ऐतिहासिक घटना के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर वर्ष 1916 के लखनऊ समझौते तक के कालखंड में नरम दल (उदारवादी) और गरम दल (उग्रवादी) की नीतियों, विचारधाराओं तथा राजनीतिक संघर्षों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के प्रारंभिक उदारवादी नेताओं का ब्रिटिश न्यायप्रियता में अटूट विश्वास था और वे केवल 'प्रार्थना, याचिका और शिष्टमंडल' (Prayer, Petition and Protest) की पद्धति के माध्यम से क्रमिक प्रशासनिक सुधार प्राप्त करना चाहते थे, जबकि गरम दल के नेताओं ने 'स्वदेशी', 'बहिष्कार' और 'राष्ट्रीय शिक्षा' को अपना मुख्य राजनीतिक अस्त्र बनाया। 2. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के विभाजन के पश्चात लोकमान्य बालगंगाधर तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर मांडले जेल (बर्मा) भेज दिया गया, जहाँ उन्होंने अपने कारावास के दौरान प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्रंथ 'गीता रहस्य' की रचना की। 3. वर्ष 1916 के प्रसिद्ध लखनऊ अधिवेशन में अंबिका चरण मजुमदार की अध्यक्षता में नरम दल और गरम दल के बीच पुनर्मिलन हुआ, तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के साथ एक ऐतिहासिक राजनीतिक समझौता (लखनऊ पैक्ट) किया, जिसके तहत कांग्रेस ने पहली बार मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडल' (Separate Electorates) की मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया। 4. लखनऊ अधिवेशन के दौरान ही उग्रवादी नेता अरबिंदो घोष ने कांग्रेस की नरमपंथियों और चरमपंथियों दोनों की नीतियों की आलोचना करते हुए सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की और पांडिचेरी चले गए, जहाँ उन्होंने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पेश किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के विभिन्न केंद्रों और उन्हें दबाने वाले ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली - जॉन निकलसन और हडसन 2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल और हेनरी लॉरेंस 3. झाँसी और ग्वालियर - सर ह्यूरोज 4. कानपुर - सर कॉलिन कैंपबेल और जनरल हीथ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? सत्रहवीं और अठारहवीं शताब्दी के दौरान यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली/ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत में पुर्तगाली शक्ति के वास्तविक संस्थापक अल्बुकर्क ने 1510 ई. में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा छीनकर उसे अपनी राजधानी बनाया तथा भारतीय महिलाओं के साथ विवाह को प्रोत्साहित कर पुर्तगाली बस्तियों को स्थायी बनाने की नीति अपनाई। 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार करने का पहला औपचारिक चार्टर 1600 ई. में महारानी एलिजाबेथ प्रथम से प्राप्त हुआ था, जबकि जहांगीर के दरबार में व्यापारिक छूट प्राप्त करने के लिए आने वाला पहला अंग्रेजी दूत विलियम हॉकिंस था जो 'हेक्टर' नामक जहाज से सूरत पहुँचा था। 3. फ्रांसीसी कंपनी (French East India Company) की स्थापना लुई चौदहवें के शासनकाल में मंत्री कोलबर्ट के प्रयासों से 1664 ई. में हुई थी, और फ्रांसीसियों ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री फ्रैंक कैरो के नेतृत्व में 1668 ई. में मसूलीपट्टनम में स्थापित की थी। 4. बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की सुदृढ़ स्थापना से पूर्व अंग्रेजों को 1698 ई. में सूबेदार अजीम-उस-शान से सुताती, कलकत्ता और गोविंदपुर नामक तीन गाँवों की जमींदारी मिल गई थी, जहाँ बाद में जॉब चारनाक ने 'फोर्ट विलियम' की नींव रखी थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' की राजनीतिक संरचना, उनकी भौगोलिक अवस्थिति और मगध साम्राज्य के प्रारंभिक उत्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची मिलती है, जिसमें वज्जी और मल्ला जैसे महाजनपद गणतंत्रात्मक व्यवस्था (संघ) के अंतर्गत आते थे, जबकि अधिकांश अन्य महाजनपद राजतंत्रात्मक शासन प्रणाली से संचालित होते थे। 2. मगध साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण सामरिक दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित थी, तथा इसके समीपवर्ती चंपारण क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में लौह अयस्क उपलब्ध होने के कारण मगध ने अन्य महाजनपदों की तुलना में सैन्य और आर्थिक बढ़त हासिल की। 3. हर्यक वंश के संस्थापक बिम्बिसार ने वैवाहिक संबंधों और अवंती के शासक प्रद्योत के साथ मैत्रीपूर्ण नीतियों के माध्यम से मगध की स्थिति को सुदृढ़ किया, जबकि उसके पुत्र अजातशत्रु ने दीर्घकालिक संघर्ष के बाद वज्जी संघ को पराजित कर उसे मगध में मिला लिया था। 4. शिशुनाग वंश के शासक कालाशोक के शासनकाल में वैशाली में द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था, जिसमें बौद्ध संघ के भीतर गंभीर मतभेदों के कारण स्थविर और महासंघिक संप्रदाय का स्थायी विभाजन हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दमन के संदर्भ में ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह को दबाने के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किया और यहीं कश्मीरी गेट पर संघर्ष में मारे गए। 2. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ में फंसे हुए ब्रिटिश रेजिडेंट और सैनिकों की रक्षा के लिए आउट्राम के साथ पहु पहुँचे और लखनऊ की घेराबंदी समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभाई। 3. सर ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर के क्षेत्र में विद्रोही सेना का नेतृत्व कर रही रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया। 4. कर्नल जेम्स नील — कलकत्ता से इलाहाबाद और कानपुर की ओर बढ़ते हुए विद्रोही सैनिकों तथा आम जनता के खिलाफ अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों का सहारा लिया। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.