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General Science
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एक्स-रे (X-ray) कैसी तरंग है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह उच्च ऊर्जा वाली EM तरंग है।
Related Questions
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में क्रमिक वृद्धि होती है, जिसके फलस्वरूप परमाणु त्रिज्या में निरंतर कमी आती है, किंतु समूह-18 के उत्कृष्ट गैसों की परमाणु त्रिज्या (वांडरवाल्स त्रिज्या) उनके ठीक पहले आने वाले हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में बड़ी होती है।
2. ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के 2p कक्षकों का अर्ध-पूर्ण (Half-filled) होना है जो अधिक स्थिरता प्रदान करता है।
3. आवर्त सारणी में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान क्लोरीन की तुलना में कम होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण आने वाला नया इलेक्ट्रॉन पहले से उपस्थित 2p इलेक्ट्रונים से अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करता है।
4. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide Contraction) के कारण 4d और 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम और हाफ़िज़ियम) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिसका मुख्य कारण 4f कक्षकों का दुर्बल आवरण प्रभाव (Shielding effect) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित ग्लाइकोप्रोटीन (एंटीजन A और B) के प्रकार के आधार पर रक्त समूह निर्धारित होते हैं, और यदि किसी व्यक्ति के प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्राकृतिक एंटीबॉडी उपस्थित हैं, तो उसका रक्त समूह 'O' होता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रस्त व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' अनुपस्थित होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उनके प्लाज्मा में H एंटीजन के विरुद्ध भी एंटीबॉडी पाई जाती है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की गंभीर स्थिति पहली गर्भावस्था में ही Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक भ्रूण के बीच प्लेसेंटा के माध्यम से IgG एंटीबॉडी के तीव्र संचरण के कारण उत्पन्न हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय में ऑक्सीनटिक (Parietal) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ-साथ 'कैसल का इंट्रिंसिक फैक्टर' (Castle's Intrinsic Factor) का स्रावण किया जाता है, जो छोटी आंत के इलियम (Ileum) भाग में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, प्रसवान (Inspiration) के दौरान डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External Intercostal Muscles) के संकुचन से वक्षीय गुहा का आयतन बढ़ जाता है और वक्षीय दबाव वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो जाता है, जिससे हवा फेफड़ों के भीतर प्रवेश करती है।
3. परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, 'हेस्स का बंडल' (Bundle of His) और 'पुर्किंजे तंतु' (Purkinje Fibres) हृदय के चालन तंत्र का हिस्सा हैं, जो विद्युत आवेगों को एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड से सीधे वेंट्रिकुलर मायोकार्डियम तक तेजी से प्रसारित करते हैं।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो संवेदी न्यूरॉन्स से प्राप्त संकेतों का तुरंत विश्लेषण करके प्रेरक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले 'माइटोकॉन्ड्रिया' और 'प्लास्टिड' (लवक) के संरचनात्मक तथा कार्यात्मक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जिनमें स्वयं का परिपत्र (Circular) डीएनए, आरएण्ड (RNA) और 70S प्रकार के राइबोसोम उपस्थित होते हैं, जिससे ये अपने कुछ आवश्यक प्रोटीनों का संश्लेषण स्वयं कर सकते हैं।
2. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर उंगली जैसी अनेक अंगुलानुमा उभार होते हैं जिन्हें 'क्रिस्टी' (Cristae) कहा जाता है, और ये सतह के क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं जहाँ इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETS) और ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के माध्यम से एटीपी का उत्पादन होता है।
3. हरित लवक के भीतर पाई जाने वाली चपटी झिल्लीयुक्त थैलियों को 'थाइलाकोइड्स' (Thylakoids) कहते हैं, जो सिक्कों के ढेरों के समान संरचनाएँ बनाती हैं जिन्हें 'स्ट्रोमा लैमिली' कहा जाता है, जहाँ प्रकाश संश्लेषण की प्रकाश-अस्वतंत्र (अंधकार) अभिक्रियाएँ होती हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में पाइरुविक अम्ल के ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक क्रेब्स चक्र (TCA Cycle) के सभी एंजाइम पाए जाते हैं, सिवाय 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' एंजाइम के जो इसकी आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में वापस लौट जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं।
2. एक उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो वह लेंस अपनी अभिसारी (Converging) प्रकृति को खो देता है और एक अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि दर्पण की फोकस दूरी $f$ है, तो उत्तल दर्पण की फोकस दूरी परिपाटी के अनुसार ऋणात्मक (-) ली जाती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी धनात्मक (+) ली जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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