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History of India
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उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के दौरान स्थापित विभिन्न संगठनों और उनके संस्थापकों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आत्मीय सभा — राजा राममोहन राय
  2. 2. प्रार्थना समाज — आत्माराम पांडुरंग
  3. 3. सत्यशोधक समाज — ज्योतिराव फुले
  4. 4.

देव समाज — शिवनारायण अग्निहोत्री उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

19वीं शताब्दी में भारत में हुए सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों ने देश की वैचारिक और धार्मिक चेतना को झकझोर कर रख दिया था। दिए गए सभी युग्म पूरी तरह सही सुमेलित हैं: (1) राजा राममोहन राय ने 1815 में कलकत्ता में 'आत्मीय सभा' की स्थापना की थी, जो वेदांत दर्शन के प्रचार और सामाजिक कुप्रथाओं के विरोध का शुरुआती मंच था। (2) बंबई में 1867 में केशवचंद्र सेन की प्रेरणा से आत्माराम पांडुरंग ने 'प्रार्थना समाज' की स्थापना की, जिसका उद्देश्य अंतरजातीय विवाह, विधवा पुनर्विवाह और महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना था। (3) महाराष्ट्र में शूद्रों और अतिशूद्रों के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय के लिए ज्योतिराव फुले ने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की थी। (4) शिवनारायण अग्निहोत्री ने 1887 में लाहौर में 'देव समाज' की स्थापना की, जो नैतिकता, आत्म-सुधार और ईश्वर के अस्तित्व पर आधारित एक सुधारवादी संस्था थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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गुप्तकालीन प्रशासन, राजस्व प्रणाली तथा भूमि अनुदान (अग्रहार) व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में 'भूमिछिद्रन्याय' (भूमि के अप्रयुक्त या बंजर हिस्सों को कृषि योग्य बनाने से संबंधित कानूनी अवधारणा) के तहत ब्राह्मणों, मंदिरों और बौद्ध विहारों को कर-मुक्त भूमि दी जाती थी, जिसे 'अग्रहार' कहा जाता था। 2. राजा द्वारा दान में दी गई इन भूमियों पर स्थानीय कृषकों और मजदूरों को काम करना पड़ता था, और शूद्रों को इन भूमियों पर स्थायी रूप से स्वतंत्र कृषक के रूप में बसने का पूर्ण कानूनी अधिकार प्राप्त था। 3. गुप्त साम्राज्य की प्रांतीय इकाई को 'भुक्ति' कहा जाता था, जिसके प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, जबकि 'विषय' (जिला) के प्रशासनिक प्रमुख को 'विषयपति' कहा जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? इंदौर में "होल्कर" वंश की नींव किसने रखी थी? वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे द्वारा की गई ऐतिहासिक बगावत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनवरी 1857 में ब्रिटिश सेना में पुरानी ब्राउन बेस (Brown Bess) मस्कट के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी के प्रयोग होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों के धार्मिक विश्वास को गहरा आघात पहुँचाया। 2. 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के जबरन प्रयोग के विरोध में बगावत करते हुए बैरकपुर छावनी में अपने अंग्रेजी अधिकारियों लेफ्टिनेंट बाघ और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया था। 3. मंगल पांडे द्वारा विद्रोह की शुरुआत करने के तुरंत बाद ही बैरकपुर छावनी के समस्त सैनिकों ने एकजुट होकर एक ही दिन पूरे देश में एक साथ सुनियोजित सशस्त्र विद्रोह का सफल संचालन किया था। 4. बैरकपुर की इस घटना के पश्चात ब्रिटिश सैन्य प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए 34वीं एनफैंट्री रेजिमेंट को भंग कर दिया तथा मंगल पांडे को 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक दौर के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वास्को डी गामा की भारत की प्रथम यात्रा (1498 ई.) के समय कालीकट के हिंदू शासक 'जमूरिन' (सामुतिरी) ने पुर्तगालियों का स्वागत किया था, क्योंकि वह अरब व्यापारियों के एकाधिकार को तोड़कर काली मिर्च और मसालों के व्यापार को बढ़ाना चाहता था। 2. भारत में प्रथम पुर्तगाली गवर्नर के रूप में आए फ्रांसिस्को डी अल्मेडा ने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (शांत जल की नीति) का प्रतिपादन किया था, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर पर पुर्तगालियों का प्रभुत्व स्थापित करना और व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित करना था। 3. अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने वर्ष 1510 में बीजापुर के आदिल शाह से गोवा को छीनकर पुर्तगालियों का मुख्य प्रशासनिक केंद्र बनाया और भारतीयों के साथ विवाह की नीति (पुनर्जागरण विवाह) को हतोत्साहित किया। 4. पुर्तगालियों ने हिंद महासागर से होने वाले व्यापार पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए 'कार्टेज' (Cartaz) व्यवस्था लागू की थी, जिसके तहत अन्य एशियाई जहाजों को पुर्तगाली बंदरगाहों से कर चुकाकर लाइसेंस लेना अनिवार्य था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुए घटनाक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पीर अली नामक एक पुस्तक विक्रेता ने किया था, जिसे कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर गिरफ्तार कर फांसी दे दी गई थी। 2. दानापुर छाउनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार करके बाबू कुंवर सिंह से जा मिले। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा में विद्रोह की शुरुआत यूरोपीय अधिकारियों के विरुद्ध स्थानीय जमींदारों और अफीम एजेंटों के संयुक्त नेतृत्व में हुई, जहाँ अंग्रेजों ने तुरंत मार्शल लॉ लागू कर दिया था। 4. आरा (शाहाबाद) में बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व में विद्रोहियों ने ब्रिटिश कैदियों को मुक्त कराने के साथ-साथ कलेक्टर लिटन (Litton) को पराजित कर शहर पर अधिकार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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