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General Science
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ध्वनि का तारत्व (Pitch) किस पर निर्भर करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
आवृत्ति अधिक होने पर तारत्व (Pitch) अधिक होता है।
Related Questions
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के दौरान एटीपी (ATP) के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र से जुड़े एंजाइम प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं।
2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस्टर्नी' (Cisternae) नेटवर्क ध्रुवीय रूप से व्यवस्थित होता है, जिसमें 'सिस' (Cis) सिरा निर्माणकारी (Forming) या अभिमुखी सिरा होता है जो अंतःद्रव्य जालिका (ER) की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा परिपक्व (Maturing) सिरा होता है।
3. लाइसोसोम में उपस्थित 'हाइड्रोलिटिक एंजाइम' (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अनुकूलित pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम झिल्ली पर सक्रिय प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) कार्य करते हैं।
4. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकहरे झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों और जंतुओं दोनों में पाए जाते हैं, और इनमें उपस्थित 'कैटालेज' एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करके कोशिकाओं को विषैले प्रभावों से बचाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) को ग्रहण कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार (Lewis base) इलेक्ट्रॉन युग्म दान करने वाले दाता होते हैं।
2. 'बफर विलयन' (Buffer solution) वे जलीय विलयन होते हैं जो बाहर से थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाए जाने पर अपने pH मान में होने वाले परिवर्तन का प्रबल विरोध करते हैं, और अम्लीय बफर का एक उत्कृष्ट उदाहरण एसिटिक अम्ल तथा सोडियम एसिटेट का मिश्रण है।
3. आयनिक यौगिकों में धनायन और ऋणायन के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force) कार्य करता है, जिसके कारण ठोस अवस्था में ये विद्युत के सुचालक होते हैं जबकि गलित अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत चालन करने में असमर्थ हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse Waves) की भौतिक प्रकृति तथा माध्यम में उनके संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कणों के कंपन की दिशा तरंग संचरण की दिशा के समानांतर होती है, जिससे माध्यम में संपीडन (Compressions) और विरलन (Rarefactions) उत्पन्न होते हैं, और ये तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में संचरित हो सकती हैं।
2. अनुप्रस्थ तरंगों में माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, जिससे श्रृंग (Crests) और गर्त (Troughs) का निर्माण होता है, और ये तरंगें केवल ठोसों में तथा द्रवों के भीतर संचरित हो सकती हैं किंतु गैसों में इनका संचरण संभव नहीं है क्योंकि गैसें अपरूपण प्रतिबल (Shear Stress) को सहन नहीं कर पाती हैं।
3. किसी गैस में ध्वनि तरंगों की चाल (Velocity of Sound) लाप्लास के संशोधन के अनुसार माध्यम के प्रत्यास्थता गुणांक और उसके घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, तथा तापमान में वृद्धि होने पर ध्वनि की चाल बढ़ जाती है।
4. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच आपेक्षिक गति होती है, तो श्रोता द्वारा सुनी गई ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन होता है, और यह प्रभाव केवल प्रकाश तरंगों पर लागू होता है, ध्वनि तरंगों पर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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द्रवों के यांत्रिक गुणों (Mechanical Properties of Fluids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) ताप बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि ताप बढ़ने से अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का संसंजन बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है, किंतु जहाँ ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है और यह बल डूबे हुए भाग के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना के कारण जल किसी केशिका नली में ऊपर चढ़ता है क्योंकि जल के लिए संसंजन बल का मान आसंजन बल (Adhesive force) से अधिक होता है, जिसके विस्तृत विवरण के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चाय?
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